भांजे ने मौसी के साथ किया विश्वासघात, 9 महीने से दे रहा था धोखा, ऐसे हुआ खुलासा
Chandrapur News: चंद्रपुर में भांजे ने मौसी के खाते से 12.16 लाख की चोरी की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा। मौसी ने पालन-पोषण किया था, फिर भी मिला धोखा।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Chandrapur Bank Fraud Case: चंद्रपुर में एक व्यक्ति ने अपने ही रिश्तेदार के खाते में सेंध लगा दी। भांजे ने अपनी ही मौसी को चूना लगाया है। उसके बैंक खाते से 12 लाख 16 हजार 443 रुपए निकाल लिए। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
गांधीनगर निवासी राधा लिंगय्या कुम्मर (61) सेवानिवृत्त वेकोलि कर्मचारी हैंउन्होंने विवाह नहीं किया और अपनी छोटी बहन के बेटे ज्ञानेश्वर नारायण दुर्गे (26) को बचपन से पाला-पोसा। उसकी शिक्षा-दीक्षा, परवरिश से लेकर हर जरूरत का ख्याल रखा।
पासबुक प्रिंट करवाने के लिए बनाता था बहाना
राधा कुम्मर का वेतन खाता यूको बैंक में है, जबकि बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में उन्होंने एसआईसी, आरडी, पीएफ जैसी बचत योजनाएं शुरू की थीं। नवंबर 2024 तक उनके खाते में 14.89 लाख रुपये जमा थे। राधा अक्सर ज्ञानेश्वर से पासबुक प्रिंट करवाने को कहती थीं, लेकिन वह हर बार बहाना बनाकर टालता रहा।
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संदेह होने पर 12 सितंबर 2025 को खुद बैंक जाकर उन्होंने जांच की, तो उनके होश उड़ गए पता चला कि 6 जनवरी से 12 सितंबर 2025 के बीच 12.16 लाख रुपए निकाले जा चुके थे। जब उन्होंने आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की, तो दोनों मोबाइल बंद मिले और वह फरार हो चुका था। इस पर राधा कुम्मर ने तुरंत घुग्घुस पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने मौसी के नकली हस्ताक्षर कर बैंक में एटीएम कार्ड बनवाया और लगातार खाते से पैसे निकालता रहा। यह सिलसिला करीब 9 महीने तक चलता रहा, जब तक राधा को शक नहीं हुआ।
पुलिस ने मामला दर्ज कर ज्ञानेश्वर दुर्गे के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज किया और 13 अक्टूबर को उसे गिरफ्तार कर लिया। 14 अक्टूबर को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले की जांच घुग्घुस पुलिस कर रही है।
