चंद्रपुर के 15 स्कूलों में 10 से कम छात्र, पट पड़ताल मुहिम से बाहर; फर्जी उपस्थिति रोकने शिक्षा विभाग सख्त
Chandrapur Education News: फर्जी पटसंख्या रोकने हेतु राज्यव्यापी जांच जारी है, लेकिन चंद्रपुर मनपा के 15 स्कूलों में छात्र संख्या 10 से कम होने के कारण उन्हें इस पड़ताल प्रक्रिया से बाहर रखा गया है।
- Written By: रूपम सिंह
चंद्रपुर शहर महानगर पालिका (सोर्स: सोशल मीडिया )
Chandrapur Municipal Schools News: चंद्रपुर शिक्षा क्षेत्र में चर्चित फर्जी छात्र मौजूदगी (पटसंख्या) मामले पर नियंत्रण करने 11 अप्रैल से पूरे राज्य में एक ही दिन पट पड़ताल शुरु की गई है। परंतु, चंद्रपुर महानगर पालिका की 15 शालाओं की कुल छात्र संख्या मात्र 10 के नीचे होने से उन शालाओं को इस पट पड़ताल से हटाया गया है। इसलिए वहां के छात्रों की प्रत्यक्ष पट पडताल नहीं होंगी। 11 को मनपा की समिति ने कुछ शालाओं के छात्रों का पंजीयन किया। उसके बाद अब यह पट पड़ताल 15 व 22 अप्रैल को होनेवाली है। राज्य की शालाओं में छात्रों की असली संख्या (रोल- कॉल) की जांच करने के लिए शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है।
समय-समय पर होने वाले असेसमेंट टेस्ट के दौरान स्कूलों का असल रोल कॉल करने का निर्णय किया गया है। हकीकत सामने आई जांच के दौरान 15 मनपा स्कूलों में छात्रों की कुल संख्या 10 से कम पाई गई है, इसलिए मनपा शिक्षा विभाग के एक सूत्र ने बताया कि उन स्कूलों में छात्रों की जांच पडताल नहीं की जाएगी। इसलिए, चंद्रपुर मनपा के 32 स्कूलों में से, सभी माध्यमों के 17 स्कूलों की व्यक्तिगत जांच की जाएगी।
पंजीयन के बाद, यह जानकारी उसी समय ऑनलाइन प्रणाली में रिकॉर्ड की जा रही है। बाकी स्कूलों की जांच 15 और 22 अप्रैल को की जाएगी। चंद्रपुर मनपा स्कूलों में छात्रों की कुल संख्या लगभग 400 है। इसलिए, 10 से ज्यादा छात्र वाले स्कूलों की सीधी जांच की जाएगी और इस मुहिम में उनका पंजीयन किया जाएगा। शिक्षक स्टाफ अभी यह निश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है कि कोई भी छात्र परीक्षा से नदारद न हो और कसौटी देने के मौके से वंचित न रहे।
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छात्र सूची में फर्जी नामों की आशंका के चलते जांच
स्थानीय निकाय और निजी स्कूलों में कक्षा चलाने के लिए बड़ी संख्या में फर्जी छात्रों का प्रवेश होता है। सरकार ने इन फर्जी छात्रों पर रोक लगाने के लिए तीन दिन, 11 अप्रैल, 15 अप्रैल और 22 अप्रैल तय किया हैं। कक्षा 1ली से 9वीं तक की सालाना परीक्षा और नियतकालिक मूल्यांकन कसौटी (PAT) से पहले, शिक्षा विभाग ने स्कूलों में छात्रों की प्रत्यक्ष पड़ताल करने का एक सिलसिला शुरू किया है।
प्रशासन ने यह समय इसलिए चुना है, क्योंकि परीक्षा के दिन छात्रों का हाजिरी दर सबसे ज्यादा होता है। 11 अप्रैल को, चंद्रपुर शहर महानगर पालिका के स्कूलों के केंद्र प्रमुखों की एक कमेटी ने मनपा स्कूलों का दौरा किया और छात्रों का पंजीयन किया।
