चंद्रपुर मनपा (सोर्स- सोशल मीडिया)
Chandrapur Municipal Corporation News: चंद्रपुर शहर मनपा के पूर्व आयुक्त विपिन पालीवाल ने पद व अधिकार का दुष्प्रयोग कर ठेकेदारों में दहशत निर्माण की और मर्जी के ठेकेदारों को बढ़ी हुई दरों से सनसनीखेज आरोप चंद्रपुर शहर मनपा के गटनेता पप्पू देशमुख ने लगाया। 27 मार्च को हुई स्थायी समिति व बजट सभा में उन्होने इस आरोप के साथ जांच की मांग भी की।
पालीवाल के इस ‘टेंडर टेररिजम’ की जांच में यदि दोषी पाए गए तो कड़ी कार्रवाई का आग्रह जनविकास सेना के अध्यक्ष पार्षद पप्पू देशमुख ने किया। इस मांग का समर्थन विरोधी व सत्ताधारी दोनों गुटों के पार्षदों ने किया। काम दिये।
आरोपों के अनुसार सभापति मनस्वी गिहें व महापौर संगीता खांडेकर ने पालीवाल के कार्यकाल में हुए सभी विकास कामों की जांच करने के आदेश आयुक्त अकुनुरी नरेश को दिये है। अब आईएएस आयुक्त अकुनुरी नरेश पूराने आयुक्त की जांच कैसे करते है? यह देखना दिलचस्प हो गया है।।
टेंडर प्रक्रिया में मर्जी के ठेकेदारों को सुविधा के साथ नियम व शर्ते लगाना, अन्य इच्छुक ठेकेदारों पर दबाव डाल कर उन्हे स्पर्धा से बाहर निकालना, पात्र होकर भी जानबूझकर अपात्र ठहराना, अवधि खत्म होने के बाद भी मर्जी के ठेकेदारों को बार बार समय बढ़ा कर देना और बजट से अधिक काम देना, ऐसे कारनामे पूर्व आयुक्त पालिवाल करते थे, ऐसा मनपा गटनेता देशमुख ने अपने मांग पत्र में बताया है।
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बागला चौक सडक व्दिभाजक, चंद्रपुर शहर के फाउंटेन प्रोजेक्ट, वाहन आपूर्ति, नाली सफाई, एलईडी स्क्रीन, जलापूर्ति योजना, गार्डन रखरखाव के साथ ही मे। लक्ष्मी कन्स्ट्रक्शन को दिये लगभग 500 करोड रुपयों के भूमिगत गटर योजना के कामों का इसमें समावेश है। पार्षद देशमुख ने दावा किया है कि अनेक विवादित कामों में धांधली के सबूत उपलब्ध है।