Chandrapur News: शहर में बायपास रास्ते के लिए धरना, यातायात समस्या हल करने की मांग

Protest For Bypass Road in Chandrapur
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  • शहर में बायपास जल्द बनाए-दिनेश चोखारे
  • मांग पूर्ण ना होने पर 15 जनवरी से भूख हड़ताल का इशारा 

चंद्रपुर. चंद्रपुर एक प्रमुख औद्योगिक शहर है. शहर की आबादी तेजी से बढ़ रही है. इससे शहर में यातायात व्यवस्था चरमरा गयी है. शहर में ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए बाइपास निकालने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. लेकिन, यह परियोजना अभी भी लंबित है. बाईपास रोड से शहर में ट्रैफिक जाम समस्या कम होगी. इस मुद्दे के समाधान की मांग को लेकर भूमिपुत्र संगठन के संयोजक दिनेश चोखरे के नेतृत्व में शुक्रवार को जिलाधिश कार्यालय के सामने धरना आंदोलन किया गया. 

चंद्रपुर शहर के मध्य से राष्ट्रीय महामार्ग गुजरता है. इस हाईवे पर प्रतिदिन हजारों वाहन सफर करते हैं. इससे शहर के मध्य में ट्रैफिक जाम हो जाता है. इस जाम के कारण वाहन चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ा. इससे नागरिकों को आर्थिक व मानसिक रूप से परेशानी हो रही है. शहर से गुजरने वाले भारी यातायात के कारण दुर्घटनाओं की संख्या में वृद्धि हुई है जिसके कारण कई लोगों की जान चली गई है. कई लोग घायल भी हुए हैं. यदि यह यातायात बाइपास से गुजरेगा तो अन्य लोगों को शहर में आवागमन करने में कोई दिक्कत नहीं होगी. चंद्रपुर शहर के बाहर बाईपास बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई

. हालांकि, इस परियोजना का कार्यान्वयन अभी तक शुरू नहीं हुआ है. बाईपास सड़क से शहर में यातायात की भीड़ कम करने में मदद मिलेगी. इससे नागरिकों को जाम से परेशानी नहीं होगी. साथ ही शहर की परिवहन व्यवस्था भी सुव्यवस्थित होगी. इस धरना आंदोलन के माध्यम से चंद्रपुर शहर की बायपास परियोजना के तत्काल कार्यान्वयन के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए जाने की मांग जिलाधिश के माध्यम से सीएम को सौपे गए ज्ञापन के माध्यम से की है. 

इस अवसर पर पंचायत समिति के पूर्व अध्यक्ष विजय बल्की, बाजार समिति के निदेशक अजय बल्की, पंचायत समिति के पूर्व अध्यक्ष रोशन पचारे, ओबीसी नेता सचिन राजुरकर, बल्लारपुर तहसील अध्यक्ष गोविंदा उपरे, हासिम कासिम खान, साखरवाही के सरपंच नागेश बोंडे, सूरज तोतड़े, प्रेमानंद जोगी, आदिवासी नेता कृष्णाजी मसराम, पूर्व पंचायत समिति उपाध्यक्ष मनोज आत्राम, गणेश आवारी, पवन आगदारी, किसन उपरे, संजय टिपले, रंगराव पवार, धनंजय राजुरकर, राहुल शेंडे, ईश्वर आखरे, हितेश लोंढे, सचिन शेरकी, रोशन रामटेके, विवेक खुटेमाटे सहित सैकड़ों भूमिपुत्र उपस्थित थे. 

धरना आंदोलन के दौरान दिनेश चोखारे ने कहा कि,''चंद्रपुर शहर में ट्रैफिक जाम एक गंभीर समस्या है. इस समस्या को तुरंत हल करने की जरूरत है. अगर बायपास रोड बन जाए तो यह समस्या दूर हो जाएगी.'' बाईपास परियोजना को तत्काल लागू किया जाए. अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो 15 जनवरी 2024 को भूख हड़ताल करने का इशारा दिया गया.

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