
स्मार्ट मीटर (फाइल फोटो)
Smart Meter Benefits: राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के उपयोग के जरिए उपभोक्ताओं को अधिक सक्षम बनाने की दिशा में महावितरण का कदम अब सफल होता दिखाई दे रहा है। स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर समाज में फैली शंकाओं और गलतफैमियों को दूर करते हुए महावितरण के चंद्रपुर परिमंडल ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
चंद्रपुर और गड़चिरोली जिलों के सरकारी कार्यालयों में अब तक कुल 12,983 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इससे न केवल सटीक बिजली बिल मिल रहा है, बल्कि बिजली बचत की दिशा में भी नया अध्याय शुरू हुआ है। कई वर्षों से उपभोक्ताओं को मीटर रीडिंग न होने, मानवीय त्रुटियों या औसत बिल (एवरेज बिल) जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था।
अब लगाए गए स्मार्ट मीटर पूरी तरह स्वचालित हैं और इनमें किसी भी मानवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं होती, जिससे त्रुटियों की संभावना लगभग समाप्त हो गई है। इन मीटरों की स्थापना के बाद शिकायतों में उल्लेखनीय कमी आई है।
27 जनवरी 2026 तक चंद्रपुर जिले में 6,351 और गड़चिरोली जिले में 6,632 स्मार्ट मीटर सरकारी कार्यालयों में लगाए जा चुके हैं। इससे रीडिंग न होने या औसत बिल आने जैसी पुरानी समस्याएं अब खत्म होने की दिशा में हैं। स्मार्ट मीटर का सबसे बड़ा लाभ यह है कि ये महावितरण के मोबाइल ऐप से जुड़े होते हैं।
उपभोक्ता अब घर बैठे अपने मोबाइल पर हर घंटे की बिजली खपत देख सकते हैं। किस उपकरण से अधिक बिजली खर्च हो रही है, यह समझकर उपभोक्ता अपने उपयोग पर नियंत्रण रख सकते हैं। इससे “जितनी खपत, उतना बिल” की अवधारणा मजबूत होगी और बिजली बचत की आदत विकसित होगी।
मीटर के खर्च को लेकर उपभोक्ताओं में आशंका थी, लेकिन महावितरण ने स्पष्ट किया है कि ये मीटर पूरी तरह नि:शुल्क लगाए जा रहे हैं। उपभोक्ताओं पर कोई अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं डाला जाएगा। सरकारी कार्यालयों के साथ सरकारी आवासों और नई बिजली कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को भी स्मार्ट मीटर ही दिए जा रहे हैं। विशेष रूप से सोलर नेट मीटरिंग करने वाले उपभोक्ताओं के लिए यह तकनीक काफी लाभकारी साबित हो रही है।
यह भी पढ़ें – सुप्रिया सुले बनेंगी महाराष्ट्र का चेहरा? सोनिया गांधी की रजामंदी के बाद ‘इंडिया’ गठबंधन में सियासी हलचल तेज
चंद्रपुर परिमंडल में चरणबद्ध तरीके से यह कार्य जारी है। सरकारी कार्यालयों, महावितरण कार्यालयों, सरकारी आवासों और मोबाइल टावरों को प्राथमिकता दी जा रही है। चंद्रपुर जिले के 367 और गड़चिरोली जिले के 713 सहित कुल 1,080 मोबाइल टावरों में भी स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं।
महावितरण ने कहा है कि स्मार्ट मीटर पूरी तरह प्रमाणित और तकनीकी रूप से उन्नत हैं। इससे उपभोक्ताओं और महावितरण के बीच पारदर्शिता बढ़ेगी। यदि किसी उपभोक्ता को कोई शंका हो तो महावितरण के अधिकारी और कर्मचारी उसे दूर करने के लिए हमेशा तैयार हैं। नागरिकों से इस आधुनिक बदलाव को सहयोग देने की अपील की गई है।






