चंद्रपुर तहसील में सैकड़ों किसान मुआवजे से वंचित, कृषि फसलों को भारी नुकसान

Chandrapur Farmers Compensation: चंद्रपुर तहसील में 1265 किसान बेमौसम बारिश से हुई फसल क्षति के मुआवजे से वंचित है। ओबीसी महासंघ ने प्रशासन से राहत राशि तुरंत जारी करने की मांग की।
चंद्रपुर तहसील में सैकड़ों किसान मुआवजे से वंचित
चंद्रपुर तहसील में सैकड़ों किसान मुआवजे से वंचित (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Chandrapur Farmers: बेमौसम बारिश और अतिवृष्टि के कारण चंद्रपुर जिले में कृषि फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, लेकिन अब तक प्रभावित किसानों को क्षतिपूर्ति नहीं मिल सकी है। अकेले चंद्रपुर तहसील में ऐसे 1,265 किसान हैं जिन्हें अभी तक मुआवजा प्राप्त नहीं हुआ है। आपदाग्रस्त किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को निवासी उपजिलाधिकारी से मुलाकात की और किसानों को जल्द से जल्द क्षतिपूर्ति देने की गुहार लगाई।

महासंघ के महासचिव सचिन राजुरकर के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने निवासी उपजिलाधिकारी को बताया कि चंद्रपुर तहसील के 1,265 प्रभावित किसानों की भारी बारिश राहत राशि अभी भी फंसी हुई है। मुआवजा न मिलने के कारण किसानों को रबी सीजन की बुआई के लिए साहूकारों से कर्ज लेने की नौबत आ गई है।

भारी बारिश से जिले में व्यापक नुकसान

प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि भारी बारिश से जिले में व्यापक नुकसान हुआ है, लेकिन चंद्रपुर तहसील के प्रभावित किसानों के खातों में अब तक मुआवजा जमा नहीं किया गया है। महाराष्ट्र सरकार के 10 अक्टूबर 2025 के सरकारी निर्णय में कहा गया है कि जिन किसानों के नाम एग्रीस्टैक में पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें भी मुआवजा दिया जाना चाहिए। इसके बावजूद कई किसानों को अब तक यह लाभ नहीं मिला है।

भारी बारिश से फसल को नुकसान

प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मांग की कि भारी बारिश से फसल को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति राशि का तत्काल भुगतान किया जाए। प्रतिनिधिमंडल में कृषि उपज बाजार समिति के संचालक गणेश आवारी, गिरीश मुसले, देवीदास येरगुडे, योगेश्वर पिपलकर, बंडू बेरड, विनोद पिंपलकर, नामदेव पिंपलकर, रंगराव पवार, रामकिसन पचभाई, गणेश येरगुडे, आशीष मुसले, विठ्ठल पिपलकर, रामराव देवतले आदि शामिल थे।

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