चंद्रपुर महानगरपालिका (सौजन्य-नवभारत)
Vijay Vadettiwar vs Pratibha Dhanorkar: चंद्रपुर मनपा चुनाव में बहुमत के करीब पहुंचने के बाद भी कांग्रेस की सत्ता को लेकर कई तरह की अटकलों का बाजार गर्म है। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार और सांसद प्रतिभा धानोरकर के बीच उत्पन्न खटास से चर्चा का बाजार गर्म है। हालांकि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल जब यह विवाद सुलझाने में पूर्णतः विफल रहे तब पार्टी के महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला ने इस विवाद को सुलझाने का प्रयास किया।
उन्होंने वडेट्टीवार और धानोरकर से ऑनलाइन बैठक ली। बताया जाता है कि इस बैठक में धानोरकर का पलड़ा भारी रहा, वह वडेट्टीवार पर हावी रही, बैठक के बाद वडेट्टीवार को मजबूरन बैकफुट पर आना पड़ा।
इस बैठक में हुए समझौते के अनुसार अब चंद्रपुर मनपा में महापौर और गटनेता धानोरकर गुट का होगा, स्थायी समिति सभापति पद वडेट्टीवार गुट के पास रहेगा तथा मनपा में सत्ता स्थापित करने में समर्थन देने वाले दलों को उपमहापौर और स्थायी समिति में सदस्य पद दिया जाएगा। वडेट्टीवार और धानोरकर के बीच जारी विवाद में शुक्रवार का दिन बेहद नाटकीय घटनाक्रमों से भरा रहा।
धानोरकर अपने समर्थित 13 नवनिर्वाचित पार्षदों को लेकर नागपुर में संभागीय आयुक्त कार्यालय पहुंची थी। इस कार्यालय में वडेट्टीवार और धानोरकर समर्थकों के बीच झड़प हुई। वडेट्टीवार समर्थकों का कहना था कि, उनके पास 14 पार्षद है, अतः धानोरकर समर्थित 13 पार्षदों के गुट को मान्यता ना दी जाए। बावजूद इसके धानोरकर अपने 13 पार्षदों के गुट का पंजीयन कराने में सफल रही।
चंद्रपुर मनपा में कांग्रेस गुट के नेता के रूप में अंततः धानोरकर समर्थित पार्षद सुरेंद्र अड़बाले की नियुक्ति की गई है। हालांकि इस पद के लिए वडेट्टीवार ने वसंत देशमुख का नाम आगे किया था। गटनेता के नाम को लेकर दोनों नेताओं में जारी रहा यह विवाद सुलझाने के लिए अंततः चेन्निथला को मध्यस्थता करनी पड़ी और इसमें धानोरकर अपनी बात मनवाने में सफल रही।
चंद्रपुर मनपा में कांग्रेस गठबंधन को सत्ता पाने के लिए अब भी 4 पार्षदों की जरूरत है। यह संख्याबल जुटाने की जिम्मेदारी अब धानोरकर की होने की बात वडेटटीवार ने स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि, महापौर का नाम धानोरकर को सुझाना है।
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वह अगर जिद पर ही अड़ी है तो अब वो ही बहुमत जुटाएगी। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस के जो बागी प्रत्याशी निर्दलीयों के तौर पर विजयी रहे है, उन्होंने भी यह शर्त रखी है कि, धानोरकर की ओर से महापौर का नाम स्पष्ट होने के बाद ही वे अपनी भूमिका स्पष्ट करेंगे।
इस बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दावा किया कि, चंद्रपुर मनपा में कांग्रेस का ही महापौर होगा। विजय वडेट्टीवार और धानोरकर के बीच चल रहे विवाद का कोई लाभ भाजपा उठा नहीं पाएगी। उल्टे भाजपा में जारी गुटबाजी का सीधा लाभ कांग्रेस को ही होगा।
उन्होंने कहा कि, चंद्रपुर में मनपा चुनाव वडेट्टीवार और धानोरकर के नेतृत्व में ही लड़ा गया था। चुनाव में मिली सफलता के लिए भी दोनों हकदार है। दोनों के बीच का यह विवाद क्षणिक है, दोनों में जल्द ही समन्वय स्थापित होगा, जो आगे भी जारी रहेगा। मंगलवार को कांग्रेस के सभी 27 सदस्यों का गुट पंजीबद्ध किया जाएगा।