Chandrapur Night Jansamvad Program: खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के किसान इन दिनों अपने खेतों की तैयारियों और कृषि कार्यों में सुबह से शाम तक अत्यधिक व्यस्त हैं। किसानों की इसी व्यस्तता को समझते हुए और यह ध्यान में रखते हुए कि दिन के समय ग्रामीणों से मुलाकात संभव नहीं है, चंद्रपुर की संवेदनशील जिलाधिकारी वसुमना पंत और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुलकित सिंह ने एक अनोखी और सराहनीय पहल की है।
दोनों शीर्ष अधिकारियों ने सोमवार (8 जून) की रात को सीधे गांवों का दौरा कर 'जनसंवाद अभियान' के तहत चौपाल लगाई और ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं जानीं।
चंद्रपुर जिलाधिकारी वसुमना पंत और मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुलकित सिंह ने रात के समय चंद्रपुर पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बोर्डा, घंटाचौकी और वलनी गांवों का सघन दौरा किया। इस दौरान अधिकारियों को अपने बीच पाकर ग्रामीण भी अचरज में पड़ गए और उन्होंने खुलकर अपनी रोजमर्रा की समस्याओं को प्रशासन के सामने रखा। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना और प्रशासनिक दूरियों को खत्म करना रहा।
इस रात्रि दौरे के दौरान घंटाचौकी गांव में स्थित जिला परिषद प्राथमिक विद्यालय और आंगनवाड़ी केंद्र का अधिकारियों द्वारा बारीकी से निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने वहां चल रही शैक्षणिक और बाल विकास गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश देते हुए स्कूल और आंगनवाड़ी में बच्चों के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएं जल्द से जल्द उपलब्ध कराने का ठोस आश्वासन दिया। इसके साथ ही, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से विशेष चर्चा की गई और उन्हें स्वरोजगार, उद्यमिता तथा सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर बोर्डा की सरपंच पल्लवी तोडासे और चंद्रपुर की समूह विकास अधिकारी संगीता भांगरे सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख उपस्थित थे।
प्रशासनिक दल ने इसके बाद वलनी गांव का रुख किया, जहां जिला परिषद प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण करने के बाद युवाओं और महिलाओं के साथ एक बैठक की गई। इस दौरान गांव की सुचारू जलापूर्ति योजना, महिला बचत समूह, आजीविका विकास, कृषि एवं उससे जुड़े पूरक व्यवसायों पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया गया। किसानों को खरीफ सीजन के मद्देनजर आधुनिक कृषि पद्धतियों और नई तकनीकों की जानकारी दी गई।
वहीं, बोर्डा गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्र और सार्वजनिक पुस्तकालय का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने यहां विद्यार्थियों में पठन संस्कृति विकसित करने, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सशक्त और सुलभ बनाने तथा ग्राम विकास के कार्यों में जनभागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। इस मौके पर बोर्डा के उपसरपंच दीपक खनके सहित बहुत बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं और युवा उपस्थित रहे।
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इस सफल जनसंवाद अभियान के बाद ग्रामीणों ने इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। ग्रामीणों का कहना है कि इतिहास में पहली बार बड़े अधिकारी खुद चलकर रात के समय उनकी समस्याओं को सुनने उनके द्वार तक आए हैं।
इस अभियान के दौरान पंचायत समिति के विभिन्न विभाग प्रमुखों, कृषि अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी उपस्थित रहकर किसानों को बीज, खाद और सरकारी अनुदान से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तृत जानकारी ऑन-स्पॉट प्रदान की। इस पहल से निश्चित रूप से आम नागरिकों का सरकारी तंत्र पर भरोसा और अधिक मजबूत हुआ है।