

Kharif Season Fertilizer Price Hike: खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले किसानों के सामने एक नया आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पहले से ही मौसम की अनिश्चितता, कृषि उपज को कम बाजार भाव और बढ़ती उत्पादन लागत से परेशान किसानों को अब रासायनिक खादों की कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी का सामना करना पड़ रहा है।
कई खादों की 50 किलो की बोरी पर 200 से 600 रुपये तक की वृद्धि हुई है, जिससे खरीफ फसलों की खेती का खर्च काफी बढ़ने वाला है। इस वर्ष 24:24:00 खाद की एक बोरी की कीमत में सबसे अधिक 600 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसका दाम 1,900 रुपये से बढ़कर 2,500 रुपये हो गया है। वहीं 10:26:26 खाद की कीमत में करीब 300 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है।
यूरिया को छोड़कर लगभग सभी रासायनिक खादों के दाम बढ़ गए हैं। इसका सीधा असर सोयाबीन, बाजरा, मक्का, कपास और अन्य खरीफ फसलों की खेती करने वाले किसानों पर पड़ेगा। एक ओर किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है वहीं दूसरी ओर उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है। विशेष रूप से प्याज उत्पादक किसानों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
कई किसानों को अपनी फसल लागत से कम कीमत पर बेचनी पड़ रही है। इधर डीजल की बढ़ती कीमतों ने भी खेती के खर्च को बढ़ा दिया है। ट्रैक्टर से जुताई, बुआई, रोटावेटर और अन्य कृषि कार्यों की लागत पहले की तुलना में अधिक हो गई है।
इसके अलावा मजदूरी, बीज, कीटनाशक और खरपतवारनाशकों की कीमतों में बढ़ोतरी से इस बार का खरीफ सीजन किसानों के लिए और अधिक महंगा साबित होने वाला है। अहिल्यानगर जिले में अभी तक संतोषजनक बारिश नहीं हुई है। पिछले कुछ दिनों से बादल छाये रहने के बावजूद अच्छी वर्षा दर्ज नहीं की गई है। जिले के कई इलाकों में अधिकतम तापमान 39 से 40 डिसे के बीच बना हुआ है।