

Chandrapur Bee Sting Death: खेत में निराई करते समय अचानक मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। जान बचाने के लिए दंपति ने पास की नहर में सिर छिपाकर मधुमक्खियों से बचने का प्रयास किया, लेकिन झुंड का हमला इतना भयावह था कि असंख्य डंक लगने से पति की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। यह हृदयविदारक घटना सावली तहसील के व्याहाड़ खुर्द में हुई। मृतक की पहचान महिपाल कचरूजी येरमा (55) के रूप में हुई है, जबकि उनकी पत्नी शालू येरमा (50) का उपचार चल रहा है।
महिपाल और शालू मूल रूप से ब्रह्मपुरी के रहने वाले थे और पिछले करीब 35 वर्षों से व्याहाड खुर्द में रहकर खेत मजदूरी कर रहे थे। दोनों ने किसान मनोहर डोंगरे की खेती ठेके पर ली थी। खरीफ सीजन में रोपाई पूरी होने के बाद खेत में उगी घास-फूस निकालने के लिए दोनों शुक्रवार सुबह खेत पहुंचे थे। करीब 9 बजे निराई का काम चल रहा था। इसी दौरान खेत के पास पेड़ पर बने छत्ते से अचानक मधुमक्खियों का विशाल झुंड निकलकर दोनों पर टूट पड़ा। अचानक हुए हमले से घबराए दंपति जान बचाने के लिए दौड़ पड़े।
मधुमक्खियों से बचने के लिए दोनों ने पास की नहर में सिर डुबोकर रखने का प्रयास किया। लेकिन मधुमक्खियों ने महिपाल के सिर और पूरे शरीर पर बड़ी संख्या में डंक मार दिए। दर्द और जहर के असर से वे नहर में ही बेहोश होकर गिर पड़े। पत्नी शालू ने मदद के लिए जोर-जोर से पुकारना शुरू किया।
इसी दौरान राजोली चक से व्याहाड खुर्द की ओर जा रहे एक व्यक्ति ने उनकी चीख-पुकार सुनी। वह तुरंत मौके पर पहुंचा और मोबाइल से परिजनों को सूचना दी। परिजनों ने तत्काल महिपाल को व्याहाड के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें गड़चिरोली के जिला सामान्य अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इसके बाद दोनों को गड़चिरोली में भर्ती कराया गया।
महिपाल के शरीर पर बड़ी संख्या में मधुमक्खियों के डंक लगे थे। हालत लगातार गंभीर बनी रही और रात करीब 9 बजे उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं, उपचार के बाद पत्नी शालू की जान बचाने में डॉक्टर सफल रहे। घर के कमाऊ सदस्य की अचानक मौत से येरमा परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। महिपाल के पीछे पत्नी और दो बच्चे हैं।