

Bhandara Lineman Ashwin Lonare Death: भंडारा जिला पवनी तहसील के भोजापुर में गुरुवार सुबह बिजली लाइन की मरम्मत के दौरान करंट लगने से महावितरण के लाइनमैन अश्विन लोनारे (45) की मौत हो गई। हादसा सुबह करीब 8 बजे हुआ। लोनारे 11 हजार वोल्ट की हाई-वोल्टेज लाइन से जुड़ी खराबी को दुरुस्त करने के लिए काम कर रहे थे। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और महावितरण की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शेडी/सोमनाला के पास धोरप गांव की बिजली लाइन में खराबी आने के बाद अश्विन लोनारे को इसे ठीक करने के लिए भोजापुर भेजा गया था। वह बंद पड़े एबी स्विच को चालू करने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान अचानक 11 हजार वोल्ट की लाइन में करंट प्रवाहित हो गया और वे उसकी चपेट में आ गए।
भंडारा जिला पवनी तहसील के भोजापुर में हादसे के समय जमीन गीली थी। इसके कारण करंट का झटका अधिक तेज होने की बात सामने आई है। घटना के दौरान वहां से गुजर रही एक महिला की नजर लोनारे पर पड़ी। उसने तत्काल ग्रामीणों को हादसे की जानकारी दी।
ग्रामीण मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से झुलसे लोनारे को उपचार के लिए पवनी के ग्रामीण अस्पताल ले गए। हालांकि, जांच के बाद चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित अधिकारी और पुलिस भी मौके पर पहुंचे।
पवनी तहसील के भोजापुर हादसे के बाद बिजली कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। उप कार्यकारी अभियंता राजन निमजे ने घटना पर दुख जताते हुए इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि बिजली लाइन पर काम करने वाले कर्मचारियों को निर्धारित सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करना चाहिए।
निमजे के अनुसार, किसी भी बिजली लाइन पर काम शुरू करने से पहले वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी देना और आवश्यक सुरक्षा प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है। उन्होंने कर्मचारियों से सुरक्षा मानकों का पालन करने में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने की अपील की।
भंडारा महावितरण की ओर से मृत कर्मचारी के परिवार को तत्काल सहायता के रूप में एक महीने का वेतन प्रदान किए जाने की जानकारी दी गई है। विभागीय नियमों के तहत परिवार को मिलने वाले अन्य लाभ भी जल्द उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
हादसे के बाद स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि हाई-वोल्टेज लाइन पर मरम्मत कार्य शुरू करने से पहले सुरक्षा संबंधी सभी प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं। घटना की परिस्थितियों की जांच के बाद ही हादसे के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।