बाघ के हमले में बैल की मौत
- Written By: नवभारत डेस्क
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चिमूर. तहसील के नेरी समीप हरणी में बाघ ने गांव के गौशाला पर हमला कर एक बैल को मार दिया है. यह घटना 21 जनवरी की रात घटी है. हरणी निवासी गजानन रणदिवे के गौशाला में तीन बैल बांधे थे. रात के समय पर बाघ शिकार की तलाश में आया और गौशाला पर धावा बोल दिया.
जिसमें एक बैल की मौत हो गई बाघ ने उसे घसीटकर ले जाना चाहता था किंतु बैल का वजन अधिक होने से वह सफल नहीं हुआ. सुबह पशुपालक गौशाला में पहुंचा तो देखा बैल की मौत हो चुी है. उन्होंने तत्काल वनविभाग को घटना की सूचना दी.
हरणी गांव में बाघ की दहशत फैली है. कुछ महीने पूर्व खेत में काम कर रहे ननावरे पर बाघ ने हमला कर उसे मार दिया था. परिसर में बाघ की दहशत बनी है. इसलिए वनविभाग से बाघ के बंदोबस्त की मांग की परिसर के निवासियों ने की है.
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जानकारी मिलने पर नेरी वन परिक्षेत्र के क्षेत्र सहायक सी.एन. रासेकर, वनरक्षक श्रीकृष्ण नागरे ने घटनास्थल पर पहुंचकर मृत बैल का पंचनामा किया. बैल की कीमत हजारों में बतायी जा रही है. इसलिए किसान ने मुआवजा देकर बाघ के बंदोबस्त की मांग की है.
