जनता का पैसा और अफसरों की अय्याशी; BKC के पार्क में आम नागरिकों की एंट्री बंद होने पर भड़के वरुण सरदेसाई

Varun Sardesai Vs MMRDA: विधायक वरुण सरदेसाई ने MMRDA अधिकारियों पर BKC के सिटी पार्क को निजी संपत्ति की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। जानें विधायक ने कमिश्नर से क्या स्पष्टीकरण मांगा है।
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वरुण सरदेसाई (सोर्स: सोशल मीडिया)
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BKC City Park Public Entry Closed: शिवसेना UBT विधायक वरुण सरदेसाई ने मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्थित सिटी पार्क के प्रबंधन को लेकर MMRDA (मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण) के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिवसेना विधायक वरुण सरदेसाई ने मुंबई के हृदय स्थल बीकेसी में स्थित लगभग 5 एकड़ की बेशकीमती सार्वजनिक जमीन के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि हजारों करोड़ रुपये की इस जमीन को, जिसे जनता के लिए ग्रीन लंग के रूप में विकसित किया गया था, अब MMRDA अधिकारियों और उनके परिवारों के निजी ऐशो आराम के अड्डे में बदल दिया गया है।

आम जनता के लिए प्रवेश बंद

वरुण सरदेसाई ने खुद इस पार्क का दौरा किया और पाया कि बांद्रा पूर्व तथा आसपास के नागरिकों के लिए करदाताओं के पैसे से बना यह पार्क अब उन्हीं नागरिकों के लिए बंद कर दिया गया है। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि पार्क में प्रवेश अब केवल MMRDA के जेतवन स्टाफ क्वार्टर के माध्यम से दिया जा रहा है, जिससे आम मुंबईकर वहां जाने से वंचित हो गए हैं।

करदाताओं के पैसे पर राजशाही उपभोग

विधायक ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जहां सामान्य नागरिकों को चलने, व्यायाम करने या बच्चों के खेलने के लिए जगह नहीं मिल रही है, वहीं कुछ चुनिंदा नौकरशाह सार्वजनिक धन से संचालित भव्य बगीचों, अत्याधुनिक टेनिस कोर्ट और क्रिकेट टर्फ का राजशाही उपभोग कर रहे हैं। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि हाल ही में इस बंदिस्त पार्क में अधिकारियों के लिए विशेष खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया था।

प्रशासन से पूछे तीखे सवाल

सरदेसाई ने प्रशासन के इस रवैये का सत्ता का अहंकार करार दिया है। उन्होंने MMRDA कमिश्नर से सीधे तीन सवाल पूछे हैं:

  • किस अधिकार के तहत इस सार्वजनिक पार्क का प्रवेश पूरी तरह बंद किया गया?
  • करदाताओं के पैसे से ऐसी सुविधाएं क्यों चलाई जा रही हैं जिनका उपयोग वे खुद नहीं कर सकते?
  • एक सार्वजनिक सुविधा को अधिकारियों की बंद कॉलोनी में बदलने का निर्णय किसने लिया?

सरदेसाई ने स्पष्ट किया कि मुंबई की सार्वजनिक जमीन जनता की है, न कि सरकारी बंगलों में बैठे कुछ विशेषाधिकार प्राप्त लोगों की। उन्होंने मांग की है कि प्रशासन को इस पर तत्काल स्पष्टीकरण देना चाहिए।

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