Chandrapur News: बल्लारपुर ग्राम पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण पर नाराजगी, 7 पंचायतों में एक भी सीट नहीं
Ballarpur OBC Reservation: बल्लारपुर तहसील की 12 ग्राम पंचायतों में कुल 106 वार्ड सदस्यों में ओबीसी के लिए केवल 7 सीटें आरक्षित की गई हैं। इनमें 7 ग्राम पंचायतों में एक भी ओबीसी सीट नहीं है।
- Written By: आंचल लोखंडे
बल्लारपुर ग्राम पंचायत चुनाव- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ballarpur Gram Panchayat Election: बल्लारपुर तहसील में आगामी 12 ग्राम पंचायतों के लिए होने वाले आम चुनाव को लेकर आरक्षण सोडत की प्रारूप अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसमें ओबीसी आरक्षण को लेकर स्थिति सामने आई है। विशेष बात यह है कि 12 ग्राम पंचायतों में से 7 ग्राम पंचायतों में वार्ड सदस्यों की एक भी सीट ओबीसी के लिए आरक्षित नहीं है। 12 ग्राम पंचायतों के कुल 106 वार्ड सदस्यों में से केवल 7 सीटें ओबीसी के लिए आरक्षित की गई हैं।इससे ग्रामीण स्तर के ओबीसी नेताओं में तीव्र नाराजगी व्यक्त की जा रही है।
बल्लारपुर तहसील में कुल 17 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से 12 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल फरवरी 2026 से पहले समाप्त हो गया था। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने से पहले चुनाव कराना अपेक्षित था।हालांकि, न्यायालयीन प्रक्रिया का हवाला देते हुए ग्राम पंचायतों पर प्रशासक नियुक्त किए गए।इसके परिणामस्वरूप गांवों के विकास कार्य प्रभावित हुए हैं।
बल्लारपुर की 12 ग्राम पंचायतों में 106 वार्ड
इस बीच 4 अगस्त 2026 को ग्राम पंचायत चुनाव के लिए प्रभागनिहाय अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने के संकेत दिए गए थे। लेकिन एसआईआर प्रक्रिया का हवाला देते हुए ग्राम पंचायत चुनाव आगे बढ़ा दिए गए हैं। कलमना, पलसगांव, आमडी, कोर्टीमक्ता, किन्ही, गिलबिली एवं लावारी ग्राम पंचायतों में ओबीसी के लिए एक भी सीट आरक्षित नहीं की गई है। इन सात ग्राम पंचायतों में कुल 55 वार्ड सदस्य हैं। यहां ओबीसी समुदाय को आरक्षण से वंचित किए जाने की स्थिति सामने आई है।
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ओबीसी के लिए सिर्फ 7 सीटें आरक्षित
विसापुर में 17 वार्ड सदस्यों में से केवल 1 सीट ओबीसी के लिए आरक्षित है। नांदगांव (पोडे) में 11 में से 2, मानोरा में 9 में से 2 तथा हडस्ती एवं दहेली में 7-7 वार्ड सदस्यों में से केवल 1-1 सीट ओबीसी के लिए आरक्षित की गई है। इससे ओबीसी समुदाय में तीव्र नाराजगी दिखाई दे रही है। इसी के चलते ओबीसी जनगणना का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। राजनीति में ओबीसी समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका होने के बावजूद राजनीतिक व्यवस्था के माध्यम से उन्हें हाशिए पर धकेलने का प्रयास किए जाने की भावना समुदाय में व्यक्त की जा रही है।
12 ग्राम पंचायतों में ओबीसी आरक्षण का गणित
ओबीसी की आबादी निर्णायक, लेकिन राजनीतिक प्रतिनिधित्व में कमी गांव स्तर पर ओबीसी समुदाय की संख्या काफी अधिक है। हालांकि, उपलब्ध जनगणना के अनुसार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की आबादी को गांव स्तर पर प्रभागनिहाय दर्शाया गया है।ओबीसी की आबादी राजनीतिक रूप से निर्णायक होने के बावजूद ग्रामीण राजनीतिक प्रक्रिया में उन्हें अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिलने से समुदाय में रोष है।
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106 में सिर्फ 7 वार्ड आरक्षित
विसापुर की आबादी 10,918, नांदगांव (पोडे) 3,836, पलसगांव 2,402, आमडी 935, मानोरा 2,462, कोर्टीमक्ता 1,097, हडस्ती 1,151, कलमना 2,546, दहेली 1,170, लावारी 1,116, गिलबिली 1,671 तथा किन्ही की आबादी 916 है। इस प्रकार इन 12 ग्राम पंचायतों की कुल आबादी करीब 30,220 है। प्रत्येक गांव में ओबीसी समुदाय का राजनीतिक प्रभाव होने के बावजूद इस समुदाय के राजनीतिक अस्तित्व को नजरअंदाज किए जाने की स्थिति दिखाई दे रही है।
