Amravati News: एसटी बसों की सीटों में तोड़फोड़, सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा की अपील
ST Bus Seat Vandalism: अंबाडा में विद्यार्थियों की विशेष फेरी पूरी करने के बाद डिपो लौटी एसटी बस की कई सीटें फटी मिलीं। सीटों में तोड़फोड़ से एसटी को नुकसान के साथ यात्रियों को भी असुविधा होती है।
- Written By: आंचल लोखंडे
एसटी बस सीट तोड़फोड़- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra ST Bus: हाल ही में विद्यार्थियों के लिए चलाई गई एक विशेष फेरी पूरी कर जब बस डिपो लौटी, तो उसकी कई सीटें बुरी तरह फटी हुई अवस्था में मिलीं। यह घटना केवल एसटी महामंडल को आर्थिक क्षति पहुंचाने वाली नहीं है, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति के प्रति बढ़ती लापरवाही का भी एक गंभीर उदाहरण है। सीटों की तोड़फोड़ के कारण आगे यात्रा करने वाले अन्य यात्रियों और विद्यार्थियों को काफी असुविधा उठानी पड़ती है, साथ ही बस की मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च भी आता है।
मैं हर रोज़ सुबह से आपकी सेवा के लिए सड़कों पर दौड़ती हूं। धूप, बारिश और तेज़ हवाओं की परवाह किए बिना आपको सुरक्षित स्कूल पहुंचाती हूं और सकुशल घर वापस लाती हूं। लेकिन मेरी ही सीटें फाड़कर और मुझे नुकसान पहुंचाकर आप मेरे साथ ऐसा व्यवहार क्यों करते हैं? यह भावुक सवाल मानो स्वयं महाराष्ट्र राज्य परिवहन की बस विद्यार्थियों और अभिभावकों से पूछ रही है।
लाखों नागरिकों की जीवनरेखा है एसटी
एसटी बस केवल यात्रा का साधन नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों, किसानों, मज़दूरों और आम नागरिकों की जीवनरेखा है। ऐसे में बस की स्वच्छता और उसकी सुविधाओं को बनाए रखना हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। प्रशासन ने विद्यार्थियों से यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखने, बस की संपत्ति को नुकसान न पहुँचाने तथा अभिभावकों से अपने बच्चों में सार्वजनिक संपत्ति के संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करने की अपील की है।
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एसटी प्रशासन ने जताई नाराजगी
मोर्शी आगार प्रबंधक योगेश ठाकरे ने कहा कि विद्यार्थियों की विशेष फेरी पूरी होने के बाद जब बस डिपो लौटी, तब उसकी सीटें फटी हुई मिलीं। यह अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। एसटी आम जनता की संपत्ति है और इसकी सुरक्षा करना हम सभी की ज़िम्मेदारी है। अभिभावक अपने बच्चों को सार्वजनिक संपत्ति का महत्व समझाएं और विद्यार्थी एक ज़िम्मेदार नागरिक की तरह व्यवहार करें।
