शेगांव में नेशनल आरोग्य मेले का उद्घाटन करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू व अन्य (सोर्स: सोशल मीडिया)
Draupadi Murmu Inaugurated National Health Fair In Shegaon: महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के शेगांव में बुधवार को चार दिवसीय नेशनल आरोग्य मेला 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस मेले का उद्घाटन करते हुए देश के नागरिकों के स्वास्थ्य और किसानों की आर्थिक उन्नति को लेकर एक नई राह दिखाई। उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि स्वस्थ नागरिक ही एक स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राष्ट्रपति का यह दौरा महाराष्ट्र के लिए स्वास्थ्य और कृषि के क्षेत्र में एक नई चेतना जागृत करने वाला माना जा रहा है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने की पुरजोर वकालत की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन पौधों की खेती से न केवल किसानों की वित्तीय स्थिति में सुधार होगा, बल्कि यह मिट्टी के स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाने में मदद करेगा। राष्ट्रपति ने उपस्थित जनसमूह और कृषि विशेषज्ञों से आह्वान किया कि वे इस बात पर गंभीरता से विचार करें कि देश में औषधीय पौधों की खेती को व्यापक स्तर पर कैसे बढ़ाया जा सकता है। उनके अनुसार, पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक कृषि तकनीकों का संगम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदल सकता है।
President Droupadi Murmu inaugurated the National Arogya Fair 2026 in Shegaon, Buldhana, Maharashtra. The President said that systems like Yoga, Ayurveda and Siddha have been serving people since the dawn of modern medicine. Steps such as evidence-based research, standardization… pic.twitter.com/ktLWYGVM4c — President of India (@rashtrapatibhvn) February 25, 2026
राष्ट्रपति ने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की सलाह देते हुए कहा कि दुनिया भर के लोग अब तनाव मुक्त और स्वस्थ जीवन के लिए योग को अपना रहे हैं। उन्होंने निवारक कदमों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नियमित व्यायाम, उचित आहार और संतुलित जीवनशैली अच्छे स्वास्थ्य की आधारशिला हैं। राष्ट्रपति का मानना है कि इलाज से बेहतर बचाव है, और इसके लिए आयु प्रणालियों के माध्यम से सुलभ और समुदाय-आधारित स्वास्थ्य देखभाल पर ध्यान देना आवश्यक है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पर्यावरण के प्रति अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जंगलों के जलने और अंधाधुंध कटाई के कारण हमारे बहुमूल्य औषधीय पौधे नष्ट हो रहे हैं। उन्होंने इस बात पर दुख जताया कि कई वन क्षेत्र समाप्त हो चुके हैं, जिससे जड़ी-बूटियों का खजाना भी खत्म हो रहा है। उन्होंने अपील की कि इन पौधों को फिर से उगाने और उन्हें संरक्षित करने की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं है, बल्कि इसके लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे।
यह भी पढ़ें:- बीएमसी का 81 हजार करोड़ का महाबजट पेश: छात्राओं को FD और मुंबईकरों को इंफ्रा का तोहफा, जानें बड़ी बातें
दिग्गजों की मौजूदगी और मेले का उद्देश्य इस उद्घाटन समारोह में महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव और केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे भी उपस्थित थे। यह चार दिवसीय आयोजन आयुष प्रणालियों के माध्यम से आम जनता को निवारक स्वास्थ्य देखभाल के प्रति जागरूक करने के लिए समर्पित है।