

Delivery on Road Mehkar Rural Hospital Negligence: महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के मेहकर स्थित ग्रामीण अस्पताल से महज 50 मीटर की दूरी पर एक गर्भवती महिला की सड़क पर ही डिलीवरी होने का एक बेहद शर्मनाक और संवेदनहीन मामला सामने आया है। अस्पताल की नर्स से बार-बार गुहार लगाने के बाद भी कोई भी स्वास्थ्यकर्मी मदद के लिए बाहर नहीं आया।
आखिरकार स्थानीय लोगों को एक निजी अस्पताल से महिला डॉक्टर को बुलाना पड़ा, तब जाकर प्रसूता महिला को इलाज के लिए ले जाया गया। इस घटना को लेकर ग्रामीण अस्पताल प्रशासन के खिलाफ स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
यह घटना मंगलवार सुबह करीब 6 बजे ग्रामीण अस्पताल के पास घटी। गंभीर स्थिति से गुजर रही महिला दर्द से कराहती रही और सड़क पर ही उसकी डिलीवरी हो गई। यह पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
महिला की चिल्लाने की आवाज सुनकर पास में रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता योगेश सौभागे तुरंत ग्रामीण अस्पताल पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद नर्स जाधव से तुरंत बाहर आकर महिला की मदद करने का अनुरोध किया। लेकिन नर्स ने यह कहते हुए साफ मना कर दिया कि वह अस्पताल परिसर के बाहर बिल्कुल नहीं जाएगी।
घटना के समय ग्रामीण अस्पताल में कोई भी डॉक्टर उपलब्ध नहीं था। इसके चलते महिला को इलाज के लिए आव्हाले अस्पताल में स्थानांतरित करना पड़ा। ग्रामीण अस्पताल में डॉक्टरों का अक्सर अनुपस्थित रहना, मरीजों के प्रति संवेदनहीनता और ढुलमुल रवैये के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिवसेना नेता व पूर्व विधायक संजय रायमुलकर ने सीधे जिला शल्य चिकित्सक से संपर्क कर उन्हें घटना की पूरी जानकारी दी और सीसीटीवी फुटेज भी भेजा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार से लाखों रुपये वेतन लेने के बावजूद इस अस्पताल के डॉक्टर ड्यूटी पर तैनात नहीं रहते हैं और मरीजों को लगातार बाहर रेफर किया जा रहा है।
उन्होंने दोषी कर्मचारियों और डॉक्टरों के खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। जिला शल्य चिकित्सक ने आश्वासन दिया है कि घटना की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।