दादर कबूतरखाना बंद, अब सड़कों पर मंडरा रहे हैं कबूतर! खतरे के मंडरा रहे बादल
Dadar pigeon houses closed: दादर कबूतरखाना को बीएमसी ने कोर्ट के आदेश के बाद बंद कर दिया है। अब सैकड़ों कबूतर स्टेशन से लेकर सड़को पर अनाज के इंतज़ार में बैठे हैं।
- Written By: सोनाली चावरे
दादर में सड़कों पर कबूतर (pic credit; social media)
Mumbai Pigeon case: मुंबई के प्रतिष्ठित दादर कबूतरखाना को बीएमसी ने कोर्ट के आदेश के बाद अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। ताड़पत्री लगाकर इस स्थल को सील कर दिया गया है, जहां जैन समाज और अन्य पक्षीप्रेमी दशकों से कबूतरों को रोजाना दाना डालते आए हैं।
हर रोज़ यहां हज़ारों कबूतरों को भोजन कराया जाता था, लेकिन अब यह सिलसिला रुक गया है। कबूतरखाना बंद होने के बाद अब सैकड़ों कबूतर स्टेशन से लेकर कबूतरखाने तक लगभग 300 मीटर इलाके में सड़कों पर आ गए हैं, जहां वे अनाज के इंतज़ार में बैठे हैं।
इससे न सिर्फ ट्रैफिक बाधित हो रहा है, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। स्थिति बिगड़ने पर जैन समाज और पक्षी प्रेमी खुद सड़कों पर उतर आए हैं और नाका मजदूरों की मदद से कबूतरों को हटाने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि कोई वाहन इन पर चढ़ न जाए। उनका एक ही आग्रह है “कबूतरखाना फिर से शुरू किया जाए।”
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कबूतरखाना का क्या है पूरा मामला?
बीएमसी अब कबूतरों को दाना डालने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर रही है।माहिम में इस तरह की पहली एफआईआर भी दर्ज की जा चुकी है। वहीं, तनाव न बढ़े इसके लिए पुलिस बल को कबूतरखाना परिसर में तैनात किया गया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह केवल एक दाना डालने की जगह नहीं, बल्कि भावनाओं से जुड़ा एक स्थान है।BMC ने 2 अगस्त की रात को दादर के ऐतिहासिक कबूतरखाना परिसर को पूरी तरह से प्लास्टिक शीट्स और बांस की संरचनाओं से ढक दिया, ताकि वहां लोगों को दाना डालने से रोका जा सके।
बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर हुआ फैसला
यह कार्रवाई बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद की गई है, जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर कबूतरों को दाना डालने पर प्रतिबंध लगाने को कहा गया है।इस स्थान की बिजली आपूर्ति भी काट दी गई है और वहां नियमित निगरानी की जा रही है ताकि कोई व्यक्ति आदेश का उल्लंघन न कर सके।
अब तक दादर इलाके में कबूतरों को दाना डालते पाए गए 16 लोगों पर ₹500 का जुर्माना लगाया गया है।इससे पहले, 1 अगस्त को भी BMC ने इस कार्रवाई की शुरुआत की थी, लेकिन स्थानीय नागरिकों के विरोध के चलते उसे रोक दिया गया था।
मुंबई के कबूतरखाने पर बोले मुख्यमंत्री फडणवीस
मुंबई कबूतरखाने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, “कबूतरखाने बंद करने का निर्णय कोर्ट का है, न कि सरकार का। फिर भी जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस मुद्दे पर विचार-विमर्श के लिए सोमवार को प्रमुख लोगों के साथ बैठक बुलाई गई है। इस दौरान कोर्ट के फैसले और जनभावनाओं के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया जाएगा।
