

Ramdas Athawale On Congress: रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (A) के अध्यक्ष और केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज में कांग्रेस और राहुल गांधी पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए आठवले ने भविष्यवाणी की है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस कभी भी सत्ता का स्वाद नहीं चख पाएगी। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर के हालिया बयानों का हवाला देते हुए कहा कि अब तो कांग्रेस के अपने नेताओं को भी यह अहसास होने लगा है कि पार्टी का भविष्य अंधकार में है।
रामदास आठवले ने कहा कि कांग्रेस पार्टी केवल घोषणाबाजी और हंगामा करने तक सीमित रह गई है, जबकि जनता का अटूट भरोसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी न तो अपनी पार्टी को मजबूत बना पा रहे हैं और न ही जनता का विश्वास जीत पा रहे हैं, यही कारण है कि कांग्रेस के दिग्गज नेता लगातार पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो रहे हैं।
रामदास आठवले ने मणिशंकर अय्यर के बयानों का समर्थन करते हुए कहा कि उनके जैसे वरिष्ठ नेता की नाराजगी पार्टी की आंतरिक स्थिति को दर्शाती है। आठवले के मुताबिक, "अय्यर के बयान का सार यही है कि कांग्रेस जनता का नेतृत्व करने की क्षमता खो चुकी है। राहुल गांधी पार्टी को वह प्रतिष्ठा वापस नहीं दिला सकते जो कभी उसके पास थी।" उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस में अब कुछ 'दम' नहीं बचा है और यही वजह है कि जनता ने लगातार तीन बार पीएम मोदी को सत्ता की कमान सौंपी है।
टीपू सुल्तान विवाद पर बोलते हुए आठवले ने स्पष्ट किया कि छत्रपति शिवाजी महाराज के साथ टीपू सुल्तान की तुलना करना पूरी तरह गलत है।
प्रतिमा विवाद: मालेगांव की डिप्टी मेयर के कार्यालय में टीपू सुल्तान की प्रतिमा रखने के फैसले को उन्होंने अनुचित बताया।
मुस्लिम समुदाय से अपील: उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय को ऐसे विवादों से बचना चाहिए जिससे समाज में दरार पैदा हो।
वंदे मातरम: कांग्रेस नेता हरि प्रसाद द्वारा वंदे मातरम के विरोध पर आठवले ने तीखा सवाल पूछा कि क्या वे कांग्रेस के नेता हैं या पाकिस्तान के? उन्होंने राष्ट्रगीत के विरोध को पूरी तरह राष्ट्रविरोधी बताया।
अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करते हुए आठवले ने बांग्लादेश में तारिक रहमान की नई सरकार को बधाई दी। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि बांग्लादेश को अपनी बेरोजगारी दूर करनी है, तो उसे भारत के साथ मजबूत संबंध बनाए रखने होंगे। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मुंबई में हो रही मुलाकात पर उन्होंने कहा कि इस व्यापारिक चर्चा से दोनों देशों को बड़ा लाभ होगा। आठवले ने विश्वास जताया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक साख और बढ़ेगी, जबकि विपक्ष केवल विरोध की राजनीति में उलझा रहेगा।