Bhandara News: भंडारा जिले के विकास में महिला नेतृत्व की सशक्त भूमिका राजस्व से लेकर पुलिस प्रशासन तक प्रभावी भागीदारी दिखा रही है। समाज में महिला सशक्तिकरण का संदेश अब प्रशासनिक व्यवस्था में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
इस समय भंडारा जिले की प्रशासनिक व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील पदों पर कार्यरत महिला अधिकारियों ने अपने कार्यकुशल नेतृत्व से एक अलग पहचान बनाई है। राजस्व, पुलिस, सूचना और समाज कल्याण जैसे विभिन्न विभागों में सक्रिय यह नारी शक्ति जिले के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
हाल ही में एक विशेष कार्यक्रम के अवसर पर जिले की कई वरिष्ठ महिला अधिकारी एक ही मंच पर उपस्थित हुईं। उनके अनुभव, अध्ययनशील दृष्टिकोण और संवेदनशील नेतृत्व का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
राजस्व विभाग के महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत उपजिलाधिकारी पूजा पाटील, लीना फलके और प्रियदर्शनी बोरकर ने अपने विभागों में पारदर्शिता और कार्यों में गति लाकर उल्लेखनीय कार्य किया है।
उपविभागीय अधिकारी माधुरी तीखे के मार्गदर्शन में उपविभाग का कार्य सुचारु और अनुशासित ढंग से संचालित हो रहा है। प्रशासन और पुलिस विभाग में समन्वय जिले के प्रशासनिक और पुलिस नेतृत्व से जुड़े परिवारों का सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय योगदान भी प्रेरणादायी माना जा रहा है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी सावन कुमार की पत्नी सुरभि तथा पुलिस अधीक्षक नुरुल हसन की पत्नी डॉ. हसन की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। इन महिलाओं ने पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथसाथ सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभाकर एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
जमीनी स्तर पर समस्याओं की समझ और सरकारी योजनाओं की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य जिला सूचना अधिकारी शैलजा वाघ कुशलतापूर्वक निभा रही हैं।
साथ ही, समाज के वंचित वर्गों तक कल्याणकारी योजनाएं पहुंचाने के लिए सहायक आयुक्त समाज कल्याण आशा कवाडे लगातार प्रयासरत हैं। तहसील स्तर पर जनता से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान करने में तहसीलदार लाखनी शीतल घावटे और प्राजक्ता बुरांडे ने भी अपनी कार्यकुशलता का परिचय दिया है।