विदर्भ में जल्द स्कूल खोलने के आदेश का शिक्षक भारती ने किया विरोध, 26 जून से सत्र शुरू करने की मांग की
शिक्षक भारती ने विदर्भ में जल्दी स्कूल खोलने के प्रस्ताव का विरोध किया है। संगठन ने भीषण गर्मी और कोर्ट के पुराने आदेशों का हवाला देते हुए सत्र 26 जून से शुरू करने की मांग की।
Bhandara Education News: लाखनी विदर्भ में स्कूलों को अन्य विभागों के साथ जल्द शुरू करने के प्रस्ताव पर शिक्षक भारती संगठन ने कड़ा विरोध जताया है। संगठन ने इसे शासन के पूर्व आदेशों और उच्च न्यायालय के निर्देशों के खिलाफ बताते हुए शिक्षा संचालनालय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। शिक्षक भारती के कार्याध्यक्ष सुभाष मोरे ने शिक्षा संचालक को दिए गए निवेदन में स्पष्ट किया है कि विदर्भ की भौगोलिक स्थिति और यहां की तीव्र गर्मी को ध्यान में रखते हुए स्कूलों की शुरुआत 26 जून से ही की जानी चाहिए।
उन्होंने इस संबंध में तत्काल संशोधित आदेश जारी करने की मांग की है। ज्ञात हो कि शिक्षा संचालनालय की ओर से 28 मार्च 2026 को जारी परिपत्र में राज्यभर के स्कूलों की गर्मी की छुट्टियों और नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत का एकसमान कार्यक्रम घोषित किया गया है।
हालांकि, शिक्षक भारती का कहना है कि इस निर्णय में विदर्भ की विशेष परिस्थितियों और पूर्व के सरकारी निर्णयों की अनदेखी की गई है। संगठन ने यह भी बताया कि 8 जून 2007 को नागपुर खंडपीठ की ओर से दिए गए आदेश में स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया था कि विदर्भ के स्कूल 26 जून से ही शुरू किए जाएं।
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इसके अलावा 20 अप्रैल 2023 के शासन परिपत्र में भी विदर्भ के लिए अलग तिथि का उल्लेख किया गया है। 28 मार्च 2026 का नया आदेश न्यायालयीन निर्णय का उल्लंघन प्रतीत होता है।
इस मांग को लेकर संगठन के जिलाध्यक्ष उमेश सिंगनजुडे, मुख्य कार्यवाह विनोद किंदर्ले सहित संजय वनवे, सतीश धुर्वे, प्रा. नदीम खान, राकेश झोडे, नंदकिशोर क्षीरसागर और गंगाधर भदाडे ने भी समर्थन व्यक्त किया है।
शिक्षक भारती ने शासन से मांग की है कि विदर्भ के छात्रों और शिक्षकों के हित को ध्यान में रखते हुए अलग से संशोधित आदेश जल्द जारी किया जाए।
