जवाहरनगर आयुध निर्माणी के एसिड सेक्शन में लगी भीषण आग; एक कर्मचारी सहित तीन ठेका श्रमिक गंभीर रूप से झुलसे
जवाहरनगर आयुध निर्माणी के एसिड सेक्शन में टैंक बदलने के दौरान लगी आग में 4 कर्मचारी झुलस गए। घायलों का नागपुर और भंडारा में इलाज जारी है। प्रबंधन ने जांच के आदेश दिए हैं।
Bhandara Ordnance Factory News: जवाहरनगर स्थित आयुध निर्माणी भंडारा के एसिड अनुभाग में शनिवार, 18 अप्रैल की सुबह करीब 11:30 बजे एक दर्दनाक हादसा हो गया। टैंक बदलने के दौरान हुए इस हादसे में निर्माणी के एक स्थायी कर्मचारी समेत ठेका पद्धति पर कार्यरत तीन श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए।
जानकारी के अनुसार, टैंक रिप्लेसमेंट का कार्य इंदौर की सूनी फाइबर ग्लास इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को सौंपा गया था। हादसे के समय ठेका कर्मचारी एसिड सेक्शन में पुराने स्टोरेज टैंक की कटिंग कर रहे थे। इसी दौरान अचानक आग और एसिड के संपर्क में आने से वहां मौजूद कर्मचारी उसकी चपेट में आ गए।
इस घटना में निर्माणी के कर्मचारी विनोद सोनटक्के (52) सहित ठेका श्रमिक संदीप चकोले (45), अतुल वाघाडे (25) और संजय लांडगे (55) झुलस गए। घटना के बाद निर्माणी परिसर में अफरा-तफरी मच गई और सभी घायलों को तत्काल निर्माणी अस्पताल ले जाया गया।
सम्बंधित ख़बरें
भंडारा: धनेगांव में महिला की मौत पर गहराया रहस्य; बाघ का हमला या हत्या? पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खड़े किए सवाल
भंडारा: अग्रवाल पेट्रोल पंप पर कम ईंधन देने का वीडियो वायरल, प्रशासन ने 6 नोजल सील कर 65 हजार का जुर्माना
लाइब्रेरी में असुविधाओं पर भड़के विधायक मिलिंद नरोटे, नपं प्रशासन को फटकार लगा एसी लगाने के दिए निर्देश
भंडारा में स्कूल जल्द खोलने का विरोध, शिक्षक भारती की चेतावनी; 26 जून से सत्र शुरू करने की मांग
डॉक्टरों के अनुसार सभी घायल लगभग 20 प्रतिशत तक झुलसे हैं। प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें निजी अस्पतालों में रेफर किया गया। विनोद सोनटक्के का इलाज कुणाल अस्पताल में चल रहा है, जबकि अन्य तीनों श्रमिकों को लक्ष अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राहत की बात यह है कि सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर और खतरे से बाहर बताई गई है।
निर्माणी प्रबंधन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। हादसा सुरक्षा मानकों में कमी या तकनीकी खराबी के कारण हुआ, इसकी बारीकी से जांच की जा रही है। प्रबंधन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
बार-बार हो रहे हादसे
इस दुर्घटना के बाद कर्मचारियों में भारी रोष है। कामगारों का आरोप है कि पुरानी मशीनरी और सुरक्षा उपकरणों की कमी के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि जनवरी 2024 और 2025 में हुए बड़े विस्फोटों में 10 कर्मचारियों की जान जा चुकी है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें जान जोखिम में डालकर काम करने पर मजबूर किया जा रहा है।
रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी
अपर महाप्रबंधक एवं जनसंपर्क अधिकारी येतिश कुमार ने बताया कि चारों घायलों की स्थिति स्थिर है और घटना के कारणों की सघन जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
