ब्रॉडगेज परियोजना: 548 करोड़ की योजना अंतिम मंजूरी के इंतजार में, तुमसर-रामटेक रेलमार्ग का सर्वे पूरा
Tumsar Ramtek Rail Line: तुमसर-रामटेक ब्रॉडगेज रेलमार्ग की 548 करोड़ रुपये की परियोजना का सर्वे पूरा हो चुका है, लेकिन अंतिम प्रशासनिक मंजूरी के अभाव में काम अब भी लंबित है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Bhandara railway news (सोर्सः सोशल मीडिया)
Bhandara Railway News: तुमसर से रामटेक तक प्रस्तावित ब्रॉडगेज रेलमार्ग की मंजूरी को लेकर नागरिकों की प्रतीक्षा अभी भी जारी है। लगभग 46.50 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना का विस्तृत सर्वेक्षण वर्ष 2015–16 में पूरा कर संबंधित रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को सौंप दी गई थी, लेकिन अंतिम प्रशासनिक स्वीकृति के अभाव में परियोजना अब तक अटकी हुई है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने 5 अप्रैल 2016 को रेलवे बोर्ड को आधिकारिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग कम ट्रैफिक (आरईसीटी) सर्वे पूर्ण होने की जानकारी दी थी। इस परियोजना की अनुमानित लागत 548.01 करोड़ रुपये बताई गई है तथा प्रतिफल दर (आरओआर) 7.6 प्रतिशत आंकी गई है। परियोजना को ‘ब्ल्यू बुक’ में भी शामिल किया गया है।
मौजूदा रेलवे स्टेशनों के उन्नयन की भी योजना
प्रारंभ में यह परियोजना मध्य रेलवे के अधीन थी, लेकिन जोनल फेरबदल के बाद 8 अप्रैल 2015 को रेलवे बोर्ड की मंजूरी से इसे दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को हस्तांतरित कर दिया गया। प्रस्ताव के अनुसार इस नए रेलमार्ग पर तुमसर तहसील के आंधलगांव और कांट्री तथा नागपुर जिले के महादुला में नए रेलवे स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा रामटेक और तुमसर के मौजूदा रेलवे स्टेशनों के उन्नयन की भी योजना है।
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क्षेत्र को मिल सकता है बड़ा लाभ
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि रेलमार्ग शुरू होने से किसानों, व्यापारियों और दुग्ध व्यवसाय से जुड़े लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। तुमसर क्षेत्र में रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। विदर्भ के ग्रामीण इलाकों को सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलने से नए आर्थिक अवसर सृजित हो सकते हैं। हालांकि, वर्षों से लंबित इस परियोजना पर ठोस निर्णय न होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। तुमसर-रामटेक रेलमार्ग निर्माण की मांग लंबे समय से उठ रही है, लेकिन अब तक कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
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लागत का विवरण
परियोजना के तहत 432.27 करोड़ रुपये सिविल इंजीनियरिंग कार्यों पर, 63.36 करोड़ रुपये विद्युत इंजीनियरिंग कार्यों पर तथा 52.38 करोड़ रुपये सिग्नल एवं दूरसंचार/तकनीकी कार्यों पर खर्च होने का अनुमान है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक द्वारा रेलवे बोर्ड को भेजे गए पत्र में यह विस्तृत जानकारी दी गई है।
