Bhandara News: समग्र शिक्षा अभियान से दिव्यांग बच्चों को मिली नई पहचान, शिक्षा के साथ बढ़ रहा आत्मविश्वास
Samagra Shiksha Abhiyan के तहत दिव्यांग बच्चों को शैक्षिक और भौतिक सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। 1550 दिव्यांग छात्रों को मिल रहा आधुनिक इलाजों के सहित विभिन्न भत्तों का लाभ।
Samagra Shiksha Abhiyan (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Financial Support For Disabled Children: समग्र शिक्षा समावेशित शिक्षा अभियान ने दिव्यांग बच्चों के जीवन में नई उम्मीद जगा दी है। जो बच्चे कभी शारीरिक और मानसिक चुनौतियों के कारण शिक्षा से दूर हो रहे थे, आज वही बच्चे आत्मविश्वास के साथ स्कूल पहुंच रहे हैं और अपनी नई पहचान बना रहे हैं। अभियान का उद्देश्य केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर और समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी है।
इतने छात्रों को मिल रही है सुविधाएँ
शैक्षणिक सत्र 2025-26 में जिले के 1550 से अधिक दिव्यांग छात्रों को उनकी जरूरत के अनुसार अलग-अलग सुविधाएं दी जा रही हैं। दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले 274 छात्रों को यात्रा भत्ता दिया जा रहा है, जबकि 107 छात्रों को दैनिक कार्यों में मदद के लिए सहायक भत्ता मंजूर किया गया है। दिव्यांग लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 1,464 छात्राओं को विशेष वजीफा दिया गया है। दृष्टिबाधित छात्रों के लिए वाचक भत्ता भी उपलब्ध कराया गया है, जिससे पढ़ाई आसान हो सके।
समग्र शिक्षा अभियान के तहत छात्रों को 28 व्हीलचेयर, 53 रोलेटर, 34 श्रवण यंत्र, ट्राइसाइकिल और अन्य सहायक उपकरण वितरित किए गए हैं, जिससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पहले से कहीं अधिक आसान बन रही है।
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दिव्यांग बच्चों के सपनों को मिल रही नई राहें
इस अभियान की सबसे खास पहल आधुनिक थेरेपी और विशेष प्रशिक्षण है। सेरेब्रल पाल्सी, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी और बहुविकलांगता से पीड़ित बच्चों के लिए विशेषज्ञों की निगरानी में वॉल थेरेपी, साइकिलिंग, एक्यूपंक्चर और विशेष व्यायाम कराए जा रहे हैं। इन उपचारों से बच्चों की शारीरिक क्षमता और आत्मविश्वास में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। जिला समन्वयक विलास गोधुले ने बताया कि ‘जिले में 60 विशेष शिक्षक लगातार बच्चों और उनके परिवारों के संपर्क में रहकर उन्हें शिक्षा और सुविधाओं से जोड़ने का काम कर रहे हैं। जिससे दिव्यांग बच्चों के सपनों को नई राहें मिल सके।’
