

Tumsar Government Hospital: स्थानीय सुभाषचंद्र बोस सरकारी उपजिला अस्पताल की गंभीर बदइंतजामी एक बार फिर सामने आई है। रविवार को अस्पताल के प्रसूति (गर्भवती महिलाओं के) वार्ड में दिए जाने वाले भोजन में कीड़े और लार्वा मिलने से हड़कंप मच गया। मरीजों की सेहत और जान के साथ खिलवाड़ करने वाली इस घटना से अस्पताल में भर्ती महिलाओं और उनके परिजनों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार को अस्पताल में उपचार करा रही गर्भवती महिलाओं को हमेशा की तरह दोपहर का भोजन (सब्जी और चावल) दिया गया। खाना खाते समय परिजनों की नजर सब्जी और चावल में तैरते कीड़ों व लार्वा पर पड़ी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ड्यूटी पर मौजूद डॉ. आयुषी क्रिंजेकर ने भोजन को अपने कब्जे में ले लिया। मरीजों और परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में लगातार घटिया स्तर का खाना दिया जा रहा है और बार-बार शिकायत के बावजूद अस्पताल प्रशासन इसे नजरअंदाज कर रहा है। बताया गया है कि अस्पताल में भोजन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ड्यूटी पर मौजूद डॉ. आयुषी क्रिंजेकर ने भोजन को अपने कब्जे में ले लिया। मरीजों और परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में सब्जी के भीतर कीड़े मिले।
भोजन और चावल में लार्वा मिला था। इस संबंध में संबंधित ठेकेदार से जवाब-तलब किया गया है और घटना की पूरी जानकारी वरिष्ठ डॉक्टरों को दे दी गई है। आपूर्ति का ठेका मेसर्स राजर्षि शाहू नगरी सेवा सहकारी संस्था, लिमिटेड (पालघर, ठाने) के पास है। ठेकेदार की इस आपराधिक लापरवाही की शिकायत अब सीधे जिला शल्य चिकित्सक डॉ. संदीप गजभिये से की गई है। सरकारी अस्पताल में इलाज कराने आने वाली गर्भवती माताओं को ऐसा सड़ा-गला और दूषित भोजन परोसे जाने से स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जिला शल्य चिकित्सक डॉ. संदीप गजभिये ने कहा कि पूरी जानकारी जुटाने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। जो ठेकेदार दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।
गर्भवती मरीज स्वाति लांजेवार ने बताया कि मैं पिछले 11 दिनों से अस्पताल में भर्ती होकर इलाज करा रही हूं। आज जो खाना आया, उसमें चावल और सब्जी के भीतर कीड़े (लार्वा) मिले। हमने तुरंत यह खाना नर्स और डॉक्टर को ले जाकर दिखाया।
स्टाफ नर्स निशा वैद्य ने कहा कि भोजन और चावल में लार्वा मिला था। इस संबंध में संबंधित ठेकेदार से जवाब-तलब किया गया है और घटना की पूरी जानकारी वरिष्ठ डॉक्टरों को दे दी गई है।
तुमसर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मिसुरकर ने कहा कि मैं फिलहाल 15 दिनों की छुट्टी पर हूं, इसलिए इस पूरे मामले की आधिकारिक जानकारी डॉ. सचिन बालबुधे से प्राप्त की जाए।
तुमसर उपजिला अस्पताल चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन बालबुधे ने कहा कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एक जांच समिति का गठन किया जा रहा है। दोषी ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उसका भुगतान (बिल) तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाएगा।