बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही तुमसर की जनता, चुनावी वादों पर उठे सवाल
Municipal Council Tumsar: तुमसर शहर में नगर परिषद चुनाव के बाद भी सड़क, नाली, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और कचरा प्रबंधन जैसी बुनियादी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
Municipal Council Tumsar (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Civic Issues Tumsar: तुमसर नगर परिषद चुनाव संपन्न हुए अभी कुछ ही समय बीता है। लेकिन शहर के विभिन्न वार्डों से असंतोष की आवाजें उठने लगी हैं। चुनाव प्रचार के दौरान जिन नेताओं ने विकास की गंगा बहाने का दावा किया था, वे अब अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं। नतीजा यह है कि, आम मतदाता अब बहकावे में आकर किए गए मतदान पर पछताने लगा है।
वर्तमान में कई वार्डों में सीमेंट सड़कों की हालत खस्ता है, नालियों की नियमित सफाई न होने से जलभराव की समस्या बनी हुई है एवं स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। नगर परिषद कार्यालय में अधिकारियों के समय पर न मिलने से जनता के रोजमर्रा के काम लटके हुए हैं। शुद्ध पेयजल की अनियमित आपूर्ति, कचरा प्रबंधन की कमी एवं अधूरी बुनियादी ढांचा परियोजनाएं नागरिकों के लिए सिरदर्द बनी हुई हैं।
विकास करने वाले को दें वोट
मतदाताओं का कहना है कि, चुनाव के समय हर गली-मोहल्ले में आकर पैर छूने वाले जनप्रतिनिधि अब अपनी सुधबुध खो चुके हैं। उन्हें आर्थिक, जाति, धर्म या खोखले वादों के बहकावे में न आकर केवल और केवल स्थानीय विकास और उम्मीदवार की योग्यता के आधार पर वोट देना चाहिए।
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नहीं सुन रहे शिकायत
नगर परिषद के मुख्याधिकारी एवं जिलाधिकारी को वार्ड की समस्याओं एवं जनप्रतिनिधि की निष्क्रियता के बारे में शिकायत करने के बावजूद कोई लाभ नहीं हो रहा है। नगर की जनता द्वारा अब प्रशासन एवं नेताओं पर तीव्र पर दबाव बनाने के लिए आंदोलन की तैयारी कर रही है। लोकतंत्र में जनता का काम सिर्फ पांच साल में एक बार बटन दबाना नहीं है। बल्कि चुने हुए प्रतिनिधियों को उनकी जवाबदेही याद दिलाना भी है।
