नहीं बदल रही है चांदपुर पर्यटन स्थल की किस्मत, लोग याद कर रहे है 2 दशक पूर्व की ग्रीन वैली को
- Written By: नवभारत डेस्क
भंडारा : हरी-भरी हरियाली एवं उंचे घने पेडा, समुद्र सा प्रतीत होने वाले विशाल तालाब की वजह से चांदपुर पर्यटन स्थल लोगों के दिलों में जगह बना चुका है1 यही कारण है कि कोई विशेष सुविधा नहीं होने के बावजूद चांदपुर पर्यटन स्थल में बडी संख्या में पर्यटक आते है. लेकिन जहां तक सरकारी नीति एवं नियत की बात है, सरकारी उपेक्षा का कोई अंत नहीं है. कई सालों से इस जगह का विकास करने के केवल वादे ही होते रहे है.
चांदपुर के विकास के लिए राजस्व की कमी के कारण यह शानदार क्षेत्र अभी भी अविकसित है. वर्ष 2000 में राज्य सरकार ने सिहोरा क्षेत्र के सतपुड़ा रेंज में चांदपुर पर्यटन स्थल को मंजूरी दी थी. इसके पश्चात प्रसिद्ध कांट्रेक्टर जोगलेकर द्वारा परिसर का विकास किया गया था. पर्यटकों को लुभाने के लिए बोटिंग एवं टाय रेल का भी प्रबंध किया गया था.
सैलानियों के रुकने की भी व्यवस्था थी. यह प्रकल्प को विकसित करने के लिए सरकार के सहयोग एवं समर्थन की जरूरत थी1 लेकिन बहुत कम समय में यह प्रकल्प खत्म कर दिया गया. इसके बाद से इस स्थल का समुचित विकास नहीं हो पाया है.
