ST कर्मियों की मनमानी पर गिरेगी गाज, प्रबंधन ने बदली व्यवस्था अब रोटेशन सिस्टम से ही होगी ड्यूटी

State Transport Corporation Rules: एसटी कर्मचारियों की मनमानी रोकने के लिए परिवहन निगम ने नया रोटेशन सिस्टम लागू किया। अब ड्राइवर-कंडक्टरों को समान अवसर के साथ निर्धारित क्रम में ही ड्यूटी मिलेगी।
ST कर्मियों की मनमानी पर गिरेगी गाज
ST कर्मियों की मनमानी पर गिरेगी गाज (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Bhandara Public Transport Employees News: राज्य परिवहन निगम (एसटी) ने अपने चालकों और कंडक्टरों की मनमानी पर अब तगड़ी कार्रवाई का डंडा चलाने की तैयारी कर ली है। कई डिपो में लंबे समय से कुछ कर्मचारी अपनी पहचान, सिफारिश और अंदरूनी जुगाड़ का फायदा उठाकर आरामदायक और सुविधाजनक ड्यूटी हथिया लेते थे, जबकि बाकी कर्मचारियों पर लंबी दूरी की और कठिन रूट्स की जिम्मेदारी थोप दी जाती थी।

इससे न केवल कार्यसंस्कृति बिगड़ रही थी, बल्कि कई बार कर्मचारियों के बीच विवाद और बहसबाजी की नौबत भी आ जाती थी। अब इस मनमानी व्यवस्था पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए राज्य परिवहन निगम ने कड़ा परिपत्र जारी किया है। सभी को समान अवसर मिलेगा अब सभी ड्राइवरों और कंडक्टरों को रोटेशन सिस्टम के तहत ही ड्यूटी दी जाएगी। यानी अब कोई भी कर्मचारी अपनी पसंद की या आसान रूट वाली ड्यूटी नहीं चुन पाएगा। सभी को समान अवसर मिलेगा।

कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही

एक दिन लंबा रूट, तो अगले दिन छोटा रूट। इस सिस्टम के लागू होते ही सुविधा की ड्यूटी की संस्कृति खत्म हो जाएगी। निगम के उपाध्यक्ष माधव कुसेकर ने इस संबंध में राज्यभर के सभी विभागीय नियंत्रकों को निर्देश जारी किए हैं। आदेश में साफ कहा गया है कि यदि किसी डिपो में इस नियम की अनदेखी की गई, तो जिम्मेदार अधिकारी पर सीधी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, कई डिपो में पिछले कुछ महीनों से शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ कर्मचारी अपनी पकड़ के चलते केवल सुविधाजनक रूट्स पर ही लगाए जाते थे। वहीं बाकी कर्मचारियों को दूर-दराज के कठिन मार्गों पर भेजा जाता था। इससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही थी और माहौल बिगड़ता जा रहा था।

ड्यूटी वितरण में पारदर्शिता

अब नया रोटेशन सिस्टम लागू होने के बाद ड्यूटी वितरण में पारदर्शिता और समानता सुनिश्चित होगी। साथ ही, ड्राइवर-कंडक्टरों के बीच लंबे समय से जारी पहचान की राजनीति और सिफारिश संस्कृति पर पूरी तरह विराम लगेगा। निगम ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी आवंटन में टी-2 मार्गदर्शक सिद्धांतों का सख्ती से पालन किया जाएगा, ताकि किसी भी स्तर पर पक्षपात या मनमानी की गुंजाइश न रहे।

इस निर्णय से एसटी कर्मचारियों में हलचल मच गई है, जिन कर्मचारियों को अब तक विशेष सुविधा मिलती थी, वे असहज हैं, जबकि बाकी कर्मचारी इसे बहुप्रतीक्षित न्याय के रूप में देख रहे हैं। राज्य परिवहन निगम का यह कदम न केवल कार्य व्यवस्था में अनुशासन और पारदर्शिता लाने वाला साबित होगा, बल्कि कर्मचारियों के बीच बराबरी की भावना भी मजबूत करेगा।

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