साकोली में भीषण गर्मी और मच्छरों का तांडव; नगर परिषद की सुस्त कार्यप्रणाली से जनता बेहाल, छिड़काव पर सवाल
Bhandara News: साकोली में 42 डिग्री तापमान और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से नागरिक परेशान हैं। गंदगी और नालियों की सफाई न होने से बीमारियां फैलने का डर है, वहीं नप के छिड़काव को दिखावा बताया जा रहा है।
Sakoli Municipal Council News: साकोली शहर में इन दिनों चिलचिलाती गर्मी और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप ने नागरिकों का जीना मुहाल कर दिया है। शहर का तापमान लगातार 42 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त है। एक तरफ सूरज की तपिश और दूसरी तरफ जगह-जगह फैली गंदगी व कचरे के ढेरों ने मच्छरों की फौज खड़ी कर दी है।
नालियों की सफाई न होने से पैदा हुए ये मच्छर अब इंसानों का खून चूस रहे हैं, जिससे बच्चे और बुजुर्ग तेजी से बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। शहर की बदहाल स्थिति को लेकर नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों का आरोप है कि गंदगी और मच्छरों के कारण घर में बैठना भी दूभर हो गया है, लेकिन प्रशासन इस ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहा है।
मच्छरों से निजात दिलाने के लिए नगर परिषद की ओर से किए जा रहे दवा छिड़काव अभियान पर अब सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नेताओं और नागरिकों का कहना है कि छिड़काव के नाम पर केवल दिखावा किया जा रहा है। घोल में दवा की मात्रा बेहद कम और पानी ज्यादा मिलाया जा रहा है, जिससे मच्छरों पर कोई असर नहीं हो रहा है। साथ ही इस्तेमाल की जा रही दवा की गुणवत्ता भी अत्यंत निचले स्तर की बताई जा रही है।
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नगर परिषद की ओर से दवा छिड़काव का कार्यक्रम शुरू कर दिया गया है। हर प्रभाग में क्रमवार तरीके से छिड़काव किया जा रहा है। क्षेत्र बड़ा होने के कारण समय जरूर लग रहा है, लेकिन कार्य प्रगति पर है। प्रमोद गजभिये, नगरसेवक
नगरसेविका मेघा बडवाईक
शहर में नालियों की सफाई और कचरा हटाने का अभियान चलाया जा रहा है। मच्छरों के बढ़ते प्रकोप की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए छिड़काव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
साकोली की सड़कों पर गंदगी और कचरे के ढेर आम बात हो गई है। नप केवल दिखावा कर रही है। दवा छिड़काव में घटिया स्तर की सामग्री का उपयोग हो रहा है, जो मच्छरों की सफाई करने में नाकाम है। प्रशासन जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। उमेश कठाणे, जिला उपाध्यक्ष, कांग्रेस
