राजेंद्र जैन की राज्यसभा एंट्री, भंडारा-गोंदिया को मिला तीसरा सांसद
NCP Rajya Sabha Election: राकांपा ने सुनेत्रा पवार के इस्तीफे से खाली राज्यसभा सीट के लिए राजेंद्र जैन को उम्मीदवार बनाया है, जिससे भंडारा-गोंदिया को संसद में तीसरा प्रतिनिधित्व मिल गया है।
- Written By: केतकी मोडक
राज्यसभा में राजेंद्र जैन (सोर्स - फोटो नवभारत)
Bhandara Gondia Third MP: उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के इस्तीफे से खाली हुई राज्यसभा सीट पर आखिरकार कौन खड़ा होगा, इस पर लगा सस्पेंस खत्म हो गया है। छगन भुजबल और नवनीत राणा जैसे सूबे के कई कद्दावर और दिग्गज नेताओं के नामों की चर्चाओं के बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजीत पवार गुट) ने ऐन वक्त पर राजेंद्र जैन के नाम की घोषणा कर राजनीतिक पंडितों को चौंका दिया है।
इस अप्रत्याशित फैसले ने राजनीतिक गलियारों में यह साफ कर दिया है कि राकांपा के केंद्र बिंदु में प्रफुल्ल पटेल का दबदबा और राजनीतिक वजन आज भी बरकरार है, और वे ही पार्टी के असली किंगमेकर हैं। इस फैसले के बाद अब भंडारा-गोंदिया जिले के दो वरिष्ठ नेता एक साथ राज्यसभा में नजर आएंगे। 8 पून को उन्होंने अपना नामांकन भी कर दिया है। संख्याबल के हिसाब से वे निर्विरोध निर्वाचित होंगे इसमें अब कोई संशय नहीं है।
कद्दावर नाम
राजेंद्र जैन का नाम भंडारा-गोंदिया जिले की राजनीति में उन चुनिंदा नेताओं में शुमार है, जो पर्दे के पीछे रहकर संगठन को मजबूती देने के लिए जाने जाते हैं। अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत प्रफुल्ल पटेल के स्वीय सहायक (पीए) के रूप में करने वाले जैन आज सीधे देश की संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) पहुंच रहे हैं।
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इससे पहले वे भंडारा-गोंदिया स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद के सदस्य (एमएलसी) के रूप में अपनी कार्यक्षमता साबित कर चुके हैं। इसके अलावा, गोंदिया जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (जीडीसीसी) के अध्यक्ष पद की लगातार दूसरी बार कमान संभालकर उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर अपनी मजबूत पकड़ का लोहा मनवाया है।
पिछले कुछ समय से सियासी हलकों में यह चर्चा आम थी कि पार्टी के भीतर प्रफुल्ल पटेल का प्रभाव कम हो रहा है और विरोधी भी उन पर लगातार तंज कस रहे थे। हालांकि, सुनेत्रा पवार की खाली सीट पर अपने सबसे भरोसेमंद सिपहसालार को मौका दिलाकर पटेल ने अपनी असली ताकत का अहसास करा दिया है।
रेस में शामिल कई नामचीन चेहरों को पछाड़कर जैन को उम्मीदवारी दिलाना यह साबित करता है कि आलाकमान के फैसले में आज भी प्रफुल्ल पटेल के शब्दों की कितनी अहमियत है।
जिले को तीसरा सांसद
राजेंद्र जैन की इस एंट्री से भंडारा-गोंदिया जिले के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। अब संसद में इस क्षेत्र की आवाज और बुलंद होगी। वर्तमान में प्रफुल्ल पटेल खुद राज्यसभा में है, जबकि डॉ. प्रशांत पडोले लोकसभा में जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
अब राजेंद्र जैन के रूप में जिले को तीसरा सांसद मिल गया है। जनप्रतिनिधियों का यह त्रिवेणी संगम दोनों जिलों के प्रलंबित पड़े विकास कार्यों और केंद्र सरकार की विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं को रफ्तार देने में मील का पत्थर साबित होगा।
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विधान परिषद छूटी, तो सीधे मिली राज्यसभा की चाबी
हाल ही में विधान परिषद की सीट भाजपा के खाते में जाने की वजह से राजेंद्र जैन को मौका नहीं मिल पाया था। लेकिन उनके बरसों के संयम और निष्ठा को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन्हें सीधे राज्यसभा भेजने का बड़ा इनाम दिया है।
पार्टी के इस सरप्राइज कार्ड ने जहां विरोधियों को पस्त कर दिया है, वहीं जमीनी स्तर के आम कार्यकर्ताओं में यह सकारात्मक संदेश गया है कि पार्टी में वफादारी और कड़ी मेहनत की कद्र हमेशा होती है। इससे आगामी स्थानीय निकाय चुनाव से लेकर लोकसभा-विधानसभा स्तर तक संगठन और मजबूत होगा।
