Bhandara News: प्रधानमंत्री आवास योजना में नया नियम, केवल परिवार के सदस्य ही कर सकेंगे मजदूरी

PM Awas Yojana : प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत नए नियम लागू किए गए हैं, जिसमें अब केवल लाभार्थी परिवार के सदस्य ही घर निर्माण में मजदूरी कर सकेंगे।
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PM Awas Yojana (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
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Bhandara Housing Scheme: प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं अन्य राज्य आवास योजनाओं के तहत स्वीकृत आवासों के निर्माण कार्य में अब केवल लाभार्थी परिवार के सदस्य ही मजदूर के रूप में काम कर सकेंगे। विकसित भारत रोजगार आजीविका मिशन ग्रामीण वीबीजी रामजी की नई ऑनलाइन सॉफ्टवेयर प्रणाली लागू होने के बाद बाहरी मजदूरों की मजदूरी मांग डिमांड स्वीकार नहीं की जा रही है। इससे लाभार्थियों के बीच भ्रम और चिंता का माहौल बन गया है।

ग्राम विकास विभाग ने आवास निर्माण कार्यों में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से वीबीजी रामजी योजना के तहत नई ऑनलाइन प्रणाली लागू की है। इस प्रणाली में लाभार्थी का आधार कार्ड, जॉब कार्ड और बैंक खाता आपस में लिंक किया जाता है।

वीबीजी रामजी सिस्टम लागू

आवास निर्माण की किस्तें सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती हैं तथा मजदूरी का भुगतान भी इसी प्रणाली के माध्यम से किया जाता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यदि कोई बाहरी मजदूर काम की मांग करता है तो ग्राम पंचायत उसे व्यक्तिगत लाभ के कार्यों में रोजगार उपलब्ध नहीं करा सकती। इससे मांगेगा काम, मिलेगा काम जैसी योजना की भावना प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

आवास निर्माण में पारदर्शिता बढ़ी पर समस्या भी बढ़ी

अब ग्राम पंचायतों पर सार्वजनिक श्रमप्रधान कार्यों की पहचान कर मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने की अतिरिक्त जिम्मेदारी बढ़ गई है। नई व्यवस्था के अनुसार, आवास निर्माण में 90 से 95 दिनों की अकुशल मजदूरी लाभार्थी परिवार के सदस्यों को स्वयं करनी होगी। उनकी उपस्थिति एनएमएमएस NMMS ऐप पर जियोटैग फोटो के साथ ऑनलाइन दर्ज की जाएगी।

इसके कारण बाहरी मजदूरों या राजमिस्त्रियों की अलग से मजदूरी मांग प्रणाली स्वीकार नहीं करती। यदि निर्माण कार्य के लिए कुशल राजमिस्त्री की आवश्यकता पड़ती है तो उसका भुगतान लाभार्थी को स्वयं करना होगा। सरकार उसकी मजदूरी का भुगतान नहीं करेगी। राजमिस्त्री का खर्च भी लाभार्थी को निर्माण सामग्री के लिए मिलने वाली राशि से ही वहन करना पड़ेगा।

लाभार्थियों के सामने बढ़ीं कठिनाइयां

योजना का उद्देश्य लाभार्थियों को अपने घर के निर्माण में स्वयं भागीदार बनाना और रोजगार गारंटी योजना के तहत मजदूरी उपलब्ध कराना है। लेकिन जिन परिवारों में कमाने वाला सदस्य नहीं है, या लाभार्थी वृद्ध, विधवा, दिव्यांग अथवा अकेली महिला है, उनके लिए स्वयं मजदूरी करना संभव नहीं है। इसके अलावा, यदि परिवार में केवल एक ही जॉब कार्डधारक है तो उसे लगभग 90 दिन तक लगातार कार्य करना पड़ेगा। वहीं स्लैब डालने, प्लास्टर, फर्श बिछाने जैसे तकनीकी कार्य परिवार के अकुशल सदस्य नहीं कर सकते। यदि इन कार्यों के लिए बाहरी मजदूर लगाए भी जाते हैं तो उनकी उपस्थिति दर्ज नहीं होती, जिससे लगभग 27 हजार रुपये की मजदूरी का लाभ नहीं मिल पाता। इससे कई आवास अधूरे रह जाने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

लाभार्थियों की मांग

लाभार्थियों ने मांग की है कि वृद्ध, विधवा और दिव्यांग लाभार्थियों को इस नियम से छूट दी जाए तथा कम से कम 50 प्रतिशत बाहरी मजदूरों को काम पर रखने की अनुमति दी जाए। साथ ही राजमिस्त्रियों की मजदूरी का भुगतान भी सरकार द्वारा किए जाने की मांग की गई है। उनका कहना है कि अन्यथा समय पर आवास निर्माण पूरा करना मुश्किल होगा। ग्रामीणों का मानना है कि नई ऑनलाइन प्रणाली से पारदर्शिता अवश्य बढ़ेगी, लेकिन स्थानीय परिस्थितियों और लाभार्थियों की व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए नियमों में आवश्यक लचीलापन दिया जाना चाहिए।

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