

Mohadi Nagar Panchayat: मोहाडी नगर पंचायत के राजनीतिक गलियारों में उस समय बड़ा हड़कंप मच गया जब नगर पंचायत के उपाध्यक्ष सचिन गायधने के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव भारी बहुमत से पारित हो गया। शुक्रवार, 31 जुलाई को आयोजित विशेष बैठक में कुल 15 पार्षदों में से 14 पार्षदों ने एकजुट होकर में से 14 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव के एकजुट होकर अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान पक्ष में मतदान किया किया, जबकि विरोध में महज 1 मत पड़ा। इस एकतरफा मतदान के साथ ही सचिन गायधने को उपाध्यक्ष पद से बेदखल होना पड़ा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उपाध्यक्ष सचिन गायधने की कार्यशैली को लेकर नगर पंचायत के पार्षदों में लंबे समय से असंतोष पनप रहा था। इसी नाराजगी के चलते भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के बागी गुट और कांग्रेस के पार्षदों ने हाथ मिलाते हुए एक नया राजनीतिक समीकरण तैयार किया और उपाध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया।
पार्षदों की मांग और प्रशासनिक प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए मोहाडी नगर पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीओ) नीलेश इंगोले ने 31 जुलाई को दोपहर 12 बजे अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान कराने के लिए विशेष सभा बुलाई थी। बैठक शुरू होते ही पार्षदों के संख्या बल की जांच की गई और मतदान कराया गया। 14 पार्षदों ने स्पष्ट रूप से प्रस्ताव के समर्थन में वोट डाला, जिससे 14 बनाम 1 के भारी अंतर से अविश्वास प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी मिल गई।
उपाध्यक्ष पद से सचिन गायधने की छुट्टी होते ही मोहाडी की स्थानीय राजनीति में जबरदस्त खलबली मच गई है। अविश्वास प्रस्ताव पास होते ही नगर पंचायत उपाध्यक्ष का पद औपचारिक रूप से रिक्त हो गया है, जिसके बाद से ही राजनीतिक सरगर्मियां और बैठकों का दौर तेज हो चुका है। अब पूरे शहर की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन की ओर से नए उपाध्यक्ष के चुनाव की तारीख कब घोषित की जाती है और इस महत्वपूर्ण पद पर किस नए चेहरे की ताजपोशी होगी।