Bhandara: लाखनी में खेतों में कचरा जलाने से लगी भीषण आग, 2.27 लाख की फसल और कृषि सामग्री राख
Farm Fire: लाखनी तहसील में खेतों का अवशेष और कचरा जलाते समय बरती गई घोर लापरवाही के कारण तीन अलग-अलग स्थानों पर भीषण आग लग गई, जिसमें 2.27 लाख रुपये की कृषि सामग्री जलकर नष्ट हो गई।
- Written By: केतकी मोडक
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मीडिया)
Crop Damage Due To Farm Fire: लाखनी तहसील के ग्रामीण अंचलों में खेतों में जमा कचरे और फसलों के अवशेष (नरवाई) को जलाने के दौरान बरती गई घोर लापरवाही के कारण तीन अलग-अलग स्थानों पर भीषण आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं। इन अग्नि हादसों में भले ही किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन संबंधित पीड़ित किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है।
आग की इन लपटों में कुल 2 लाख 27 हजार रुपये के मूल्य का धान, मक्का, बगीचे के पौधे तथा सिंचाई से जुड़ी महत्वपूर्ण कृषि सामग्री जलकर पूरी तरह खाक हो गई। लाखनी पुलिस ने इन तीनों मामलों में आग लगाकर उसे खुला छोड़ने और लापरवाही बरतने वाले तीन किसानों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
मुरमाडी में मक्का और पाइप नष्ट
आग लगने की पहली घटना लाखनी के समीप स्थित मुरमाडी खेत परिसर में हुई। भंडारा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता महिला किसान (केसलवाड़ा फाटा, मुरमाडी निवासी) सेवंता भारत शेंदरे (60) तथा आरोपी मुरमाडी निवासी धनु कवलु पाखमोडे (35) के खेत एक-दूसरे से बिल्कुल सटे हुए हैं। आरोप है कि धनु पाखमोडे ने अपने खेत को साफ करने के उद्देश्य से कचरे में आग लगाई थी, लेकिन उसे पूरी तरह से बुझाने की कोई सावधानी नहीं बरती।
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चिलचिलाती धूप में यह आग फैलकर सीधे सेवंता शेंदरे के खेत तक पहुंच गई। इस हादसे में खेत में रखी 5 बोरी मक्का और कीमती पीवीसी पाइप जलकर नष्ट हो गईं। लाखनी पुलिस ने पीड़ित महिला की शिकायत पर मामला दर्ज किया है।
धाबेटेकड़ी में बोरवेल सामग्री जली
दूसरी घटना धाबेटेकड़ी खेत परिसर में सामने आई है। यहां के शिवनी मोगरा निवासी नरेश हिरामण गायधने (50) के खेत के पास ही आरोपी चिचटोला निवासी धनुश शिवराम सार्वे (25) का कृषि खेत स्थित है। बताया गया है कि धनुश सार्वे ने भी अपने खेत का सूखा कचरा जलाने के बाद आग को पूरी तरह से शांत नहीं किया और लापरवाही पूर्वक छोड़ दिया।
दोपहर की तेज धूप और चलने वाली हवा के कारण सुलगती हुई आग ने विकराल रूप ले लिया और वह तेजी से फैलकर नरेश गायधने के खेत में प्रवेश कर गई। इस आग की चपेट में आने से नरेश के खेत में रखी बोरवेल से संबंधित सभी आवश्यक सामग्रियां जलकर राख हो गईं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
गोंडसावरी में धान और आम के पौधे स्वाहा
तीसरी और सबसे बड़ी नुकसानदेह घटना गोंडसावरी गांव के खेत परिसर में घटी। यहां के स्थानीय निवासी भजनदास नारायण रामटेके (80) तथा आरोपी सालेभाटा निवासी हिवराज जानु नंदेश्वर (55) के खेत आपस में लगे हुए हैं। आरोप के मुताबिक, हिवराज नंदेश्वर ने अपने खेत के भीतर कचरा जलाने के लिए आग सुलगाई और बिना उसे बुझाए वहां से चुपचाप चला गया। तेज हवाओं के थपेड़ों के कारण आग की लपटें भजनदास रामटेके के खेत में फैल गईं।
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इस भीषण आग की चपेट में आने से भजनदास के खेत में रखे 50 बोरे धान, 5 बड़ी तिरपाल, कलमी आम के 45 हरे-भरे पौधे तथा लगभग 260 फुट लंबा एचडी पाइप जलकर पूरी तरह राख के ढेर में तब्दील हो गए। पुलिस तीनों मामलों की बारिकी से जांच कर रही है।
