Gadchiroli: धर्म परिवर्तन करने वालों का आरक्षण रद्द हो; गढ़चिरोली में 128 ग्रामसभाओं का ऐतिहासिक फैसला
Tribal Religion Reservation: गढ़चिरोली की भामरागढ़ तहसील की 128 ग्रामसभाओं ने ईसाई धर्म अपनाने वाले आदिवासियों का आरक्षण और सरकारी सुविधाएं रद्द करने की मांग को लेकर सरकार को प्रस्ताव भेजा है।
- Written By: केतकी मोडक
पारंपरिक गोटल समिति की बैठक
Tribal Religion Conversion Reservation: गढ़चिरोली जिले की भामरागढ़ तहसील से आदिवासी समाज के अधिकारों और पारंपरिक संस्कृति के संरक्षण को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। भामरागढ़ तहसील की संयुक्त ग्रामसभा पारंपरिक गोटूल समिति तथा जिला महा ग्रामसभा कार्यकारिणी समिति की ओर से एक विशेष मुहिम शुरू की गई है। इसके तहत ईसाई धर्म अपनाने वाले आदिवासियों को मिलने वाले संवैधानिक आरक्षण तथा अन्य सभी प्रकार की सरकारी सुविधाएं तत्काल प्रभाव से रद्द करने की पुरजोर मांग सरकार से की गई है।
इस अत्यंत संवेदनशील और गंभीर विषय पर भामरागढ़ तहसील की कुल 128 ग्रामसभाओं के प्रतिनिधियों ने एक सुर में अलग-अलग विशेष बैठकें आयोजित कर इस आशय का कड़ा प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया है। इन प्रस्तावों को लेकर अब स्थानीय प्रशासन के साथ उच्च स्तरीय चर्चा भी शुरू हो चुकी है।
जनगणना में अलग पंजीकरण की मांग
आयोजित बैठकों में ग्रामसभा के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने आदिवासियों की मूल पहचान को लेकर कई अन्य महत्वपूर्ण मांगें भी प्रमुखता से उठाई हैं। प्रस्ताव में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि आगामी राष्ट्रीय जनगणना के दौरान ऐसे धर्म परिवर्तित व्यक्तियों का पंजीकरण मूल आदिवासियों के साथ न करके, पूरी तरह अलग से ‘ईसाई’ के रूप में दर्ज किया जाए।
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इसके साथ ही, सदियों से अपनी पारंपरिक रूढ़ियों और अनूठी संस्कृति को जीवित रखने वाले मूल परधान, गोंड, गोवारी, हल्बा और आदिम माड़िया समाज के संवैधानिक व विधिक अधिकारों की रक्षा शत-प्रतिशत सुनिश्चित की जाए। संयुक्त ग्रामसभा पारंपरिक गोटूल समिति के प्रतिनिधियों के अनुसार, बाहरी प्रभावों के कारण मूल आदिवासी संस्कृति के अस्तित्व पर लगातार संकट मंडरा रहा है, जिसे रोकने के लिए यह सख्त कदम उठाना बेहद अनिवार्य हो गया है।
दो माह से चल रहा नियोजन
समिति के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने बताया कि पिछले दो महीनों से इस गंभीर विषय पर तहसील के प्रत्येक गांव में लगातार व्यापक चर्चा, रणनीतिक नियोजन, शासकीय पत्र व्यवहार और विभिन्न शासकीय कार्यालयों में जाकर अधिकारियों से प्रत्यक्ष संपर्क साधने का काम किया जा रहा है।
इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए 22 मई 2026 को ग्रामसभाओं के एक उच्च स्तरीय शिष्टमंडल ने तहसीलदार एवं दंडाधिकारी कार्यालय, एकात्मिक आदिवासी विकास परियोजना कार्यालय तथा उपविभागीय पुलिस अधिकारी कार्यालय भामरागढ़ में जाकर आधिकारिक निवेदन सौंपा था। इस दौरान अधिकारियों के साथ कानून व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा के पहलुओं पर विस्तृत चर्चा भी संपन्न हुई थी।
परियोजना कार्यालय में विशेष बैठक
इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक हलचल के बीच, उपविभागीय पुलिस अधिकारी भामरागढ़ के विशेष दिशा-निर्देशों के अनुसार 26 मई को एकात्मिक आदिवासी विकास परियोजना कार्यालय भामरागढ़ तहसील में एक विशेष समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में ग्रामसभाओं के प्रमुख प्रतिनिधियों और परियोजना अधिकारियों के बीच मांगों के कानूनी और वैधानिक पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
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ग्रामसभाओं के प्रतिनिधियों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि सरकार ने उनकी जायज मांगों पर जल्द ही सकारात्मक और ठोस नीतिगत कदम नहीं उठाए, तो समाज अपनी संस्कृति और अधिकारों को बचाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को और अधिक तीव्र करने के लिए मजबूर होगा।
