Lakhni Farmers Protest News: लाखनी किसानों की लंबित समस्याओं को लेकर छत्रपति शिवाजी महाराज शेतकरी संगठन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। संगठन ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आगामी 15 अप्रैल को तहसील कार्यालय लाखनी पर ताला ठोको आंदोलन करने की घोषणा की है।
संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि बारबार ज्ञापन देने और शांतिपूर्ण अपील करने के बावजूद शासन व प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई, जिससे किसानों के सब्र का बांध अब टूट गया है। संगठन के अध्यक्ष धनंजय लोहबरे और उपाध्यक्ष माणिक टिचकुले के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन को लेकर क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल प्रभाव से ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो इस आंदोलन से उत्पन्न होने वाली किसी भी कानूनव्यवस्था की स्थिति के लिए पूरी तरह से प्रशासन जिम्मेदार होगा। सड़क पर उतरने को मजबूर किसानउल्लेखनीय है कि इससे पूर्व 6 मार्च को भी इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन को अवगत कराया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने से अब किसानों ने आंदोलन का रास्ता चुना है।
इस आंदोलन के माध्यम से किसानों ने शासन के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। इनमें धान खरीदी की सीमा को तुरंत बढ़ाने और खरीदी प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग प्रमुख है। इसके साथ ही धान का बकाया भुगतान जल्द करने, नियमित रूप से कर्ज चुकाने वाले किसानों को 1.5 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने और बकाया कर्जदार किसानों के लिए वर्ष 202526 हेतु नई कर्जमाफी योजना लागू करने की मांग भी पुरजोर तरीके से उठाई गई है।
संगठन ने इस दौरान जिले के जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। किसानों का आरोप है कि उनकी समस्याओं को लेकर स्थानीय नेता और प्रतिनिधि पूरी तरह से उदासीन बने हुए हैं, जिसके चलते अन्नदाता को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
ज्ञापन सौंपते समय धनंजय लोहबरे, माणिक टिचकुले, दिनेश वासनिक, सुरेश बोपचे और शेषराव पंधरे सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे। अब सभी की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं कि वह इस आंदोलन को रोकने के लिए क्या समाधान निकालता है।