लाखनी नगर पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, जिलाधिकारी ने बुलाई विशेष बैठक
No Confidence Motion : भंडारा जिले की लाखनी नगर पंचायत की अध्यक्ष त्रिवेणी मनोज पोहरकर और उपाध्यक्ष लता रमेश रोडे के खिलाफ 13 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव दाखिल किया है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Lakhani Nagar Panchayat (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Lakhani Nagar Panchayat: लाखनी नगर पंचायत की राजनीति में इन दिनों बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिल रहा है। नगर पंचायत की अध्यक्ष त्रिवेणी मनोज पोहरकर तथा उपाध्यक्ष लता रमेश रोडे के विरुद्ध 13 पार्षदों ने एकजुट होकर अविश्वास प्रस्ताव दाखिल कर दिया है। इस कदम से स्थानीय राजनीति में भूचाल आ गया है और पूरे शहर में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। अब सभी की निगाहें आगामी 7 जुलाई को होने वाली विशेष बैठक पर टिक गई हैं।
यह अविश्वास प्रस्ताव महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत एवं औद्योगिक नगरी अधिनियम, 1965 की धारा 341-बी (5) के अंतर्गत जिलाधिकारी, भंडारा को विधिवत हस्ताक्षरयुक्त आवेदन सौंपकर दाखिल किया गया है। आवेदन प्राप्त होने के बाद जिला प्रशासन ने कानून के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करते हुए विशेष बैठक बुलाने के आदेश जारी कर दिए हैं। दाखिल किए गए प्रस्ताव में अध्यक्ष त्रिवेणी पोहरकर पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
लाखनी नगर पंचायत में बढ़ा राजनीतिक घमासान
एकतरफा और मनमाने तरीके से काम पार्षदों का कहना है कि पदभार संभालने के बाद से उन्होंने नगर पंचायत का संचालन सामूहिक नेतृत्व के बजाय एकतरफा और मनमाने तरीके से किया है। कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों और निर्णयों में निर्वाचित पार्षदों को विश्वास में नहीं लिया गया तथा उनके सुझावों की लगातार अनदेखी की गई। इसके अलावा प्रस्ताव में यह भी आरोप लगाया गया है कि अध्यक्ष के पति नगर पंचायत के प्रशासनिक कार्यों में प्रत्यक्ष रूप से हस्तक्षेप कर रहे हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के अधिकारों का हनन हो रहा है।
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अध्यक्ष पर मनमानी के आरोप
अविश्वास प्रस्ताव पर मोर्चा खोलने वाले पार्षदों में संदीप दिगंबर भांडारकर, राजेश उद्धवराव निम्बेकर, महेश आसाराम आकरे, अश्विन अरुण धरमसारे, भूपेंद्र अनिल धरमसारे, सचिन रंजीत भैसारे, प्रदीप पुरुषोत्तम तितरमारे, विपुल बबन कांबले, विभा अशोक हजारे, कांता रविंद्र निर्वाण, निशा संदीप मोहणकर, सविता निलेश सोनबाने तथा सारिका चंदू बशेशंकर शामिल हैं।
7 जुलाई को विशेष बैठक
इधर, जिलाधिकारी कार्यालय, भंडारा की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नियमानुसार प्राप्त आवेदन पर दस दिनों के भीतर विशेष बैठक आयोजित करना अनिवार्य होता है। इसी के तहत 7 जुलाई को दोपहर 12 बजे नगर पंचायत लाखनी – कार्यालय में विशेष बैठक बुलाई गई है।
स्वाति देसाई पीठासीन अधिकारी नियुक्त
जिलाधिकारी ने साकोली की उपविभागीय अधिकारी स्वाती देसाई को इस विशेष बैठक का पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया है, जो बैठक की संपूर्ण कार्यवाही का संचालन करेंगी। नियमानुसार उन्हें मतदान का अधिकार प्राप्त नहीं होगा। कानूनी प्रावधानों के अनुसार, यदि नगर पंचायत के कुल निर्वाचित सदस्यों में से कम से कम दो-तिहाई बहुमत इस अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करता है, तो अध्यक्ष को तत्काल पद से हटा दिया जाएगा।
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वहीं, नामनिर्देशित सदस्यों को इस प्रक्रिया में मतदान का अधिकार नहीं रहेगा। आदेश में यह भी स्पष्ट है कि यदि विशेष बैठक में अविश्वास प्रस्ताव पारित नहीं होता, तो नियमानुसार उसी आशय का नया प्रस्ताव दोबारा प्रस्तुत नहीं किया जा सकेगा। जिलाधिकारी ने पीठासीन अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि बैठक संपन्न होते ही इसका प्रतिवेदन तत्काल जिला प्रशासन को भेजा जाए।
