लाडकी बहीन योजना से नाम हटने से बढ़ी नाराजगी, पात्र महिलाओं को लाभ देने की मांग
Sakoli Women Protest: लाडली बहना योजना से बड़ी संख्या में महिलाओं के नाम हटाए जाने पर साकोली क्षेत्र में नाराजगी बढ़ गई है। महिलाओं का कहना है कि उनका नाम सूची से हटा दिया गया।
Ladki Bahin Yojana (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Ladki Bahin Yojana: लाडली बहना योजना के तहत बड़ी संख्या में महिलाओं के नाम सूची से हटाए जाने के बाद तहसील में नाराजगी बढ़ती जा रही है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं इस फैसले से प्रभावित हुई हैं। कई महिलाओं का कहना है कि ईकेवाईसी eKYC की जानकारी के अभाव में वे प्रक्रिया पूरी नहीं कर सकीं, जिसके चलते उनका नाम योजना से हटा दिया गया। महामाया महिला सामाजिक न्याय संगठन ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए शासन से ईकेवाईसी का लिंक दोबारा शुरू करने की मांग की है, ताकि पात्र महिलाएं योजना का लाभ फिर से प्राप्त कर सकें।
संगठन के संस्थापक डी.जी. रंगारी, अध्यक्ष शीतल नागदेवे, कोषाध्यक्ष पूजा रंगारी सहित उत्तमा गाडपायले, स्वर्णमाला गजभिये, करुणा शहारे, मृणाली कोल्हे, रत्ना खंडारे, ज्योत्स्ना खोब्रागड़े, सरिता बडोले, कमला रंगारी, वीणा शहारे, श्यामल मेश्राम, विद्या रंगारी, परीका रामटेके, प्रिया शहारे, कीर्ति गणवीर और अन्य पदाधिकारियों ने यह मांग उठाई है।
eKYC लिंक दोबारा शुरू करने की मांग
संगठन का आरोप है कि जिन महिलाओं ने ईकेवाईसी नहीं किया, साथ ही जिन परिवारों ने भविष्य में ऋण सुविधा के लिए आयकर रिटर्न ITR भरा, उनका भी नाम योजना से हटा दिया गया, जबकि उनकी वार्षिक आय ढाई लाख रुपये से कम है और वे योजना की पात्रता में आती हैं।
सम्बंधित ख़बरें
नवभारत कार्यालय पहुंचे संभाजीनगर के महापौर समीर राजूरकर; शहर के विकास और मूलभूत सुविधाओं पर की चर्चा
मुंबई: भिवंडी में रेल इंजीनियरिंग का कमाल, पटरियों के नीचे बना देश का पहला Waterproof Subway
हनुमान मंदिर का सभामंडप गिरने से 7 की मौत; सीएम फडणवीस ने किया मुआवजे का ऐलान, पीएम ने जताया दुख
मुंबई में पीयूष गोयल ने कहा- आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ा रहा हमारा देश, गिनाईं मोदी सरकार की उपलब्धियां
पात्र महिलाओं के साथ न्याय करें
सरकार को चाहिए कि पात्र महिलाओं के साथ न्याय करे। सिर्फ तकनीकी कारणों से नाम काटना उचित नहीं है। ईकेवाईसी के लिए एक और अवसर दिया जाना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में जानकारी के अभाव में कई महिलाएं वंचित रह गई हैं। शासन को तुरंत लिंक शुरू कर सभी पात्र महिलाओं को योजना का लाभ दिलाना चाहिए।
ये भी पढ़े: गोंदिया में मातोश्री ग्रामसमृद्धि योजना की धीमी रफ्तार, कई गांवों में सड़क कार्य लंबित
पात्र महिलाओं के नाम कटने पर आंदोलन की तैयारी
शीतल नागदेवे ने कहा कि महिलाओं ने लोन के लिए आयकर भराकई महिलाओं ने भविष्य में लोन लेने की सोच से आयकर रिटर्न भरा, लेकिन इसका गलत असर यह हुआ कि उन्हें योजना से बाहर कर दिया गया। सरकार को ऐसे मामलों की पुनः जांच कर पात्र महिलाओं को फिर से योजना में शामिल करना चाहिए, ताकि किसी के साथ अन्याय न हो।
