गोंडउमरी ‘वेस्ट टू बेस्ट’ पहल से नन्हे छात्रों ने बचाई पक्षियों की जान, कबाड़ से बनाए जल पात्र और दाना-पानी
Gondumri News: गोंडउमरी के छात्रों ने प्लास्टिक बोतलों और कबाड़ से पक्षियों के लिए जल पात्र बनाकर पेड़ों पर टांगे हैं। भीषण गर्मी में बेजुबानों की प्यास बुझाने की इस पहल की सराहना हो रही है।
Bhandara Bird Conservation News: गोंडउमरी में भीषण गर्मी की शुरुआत होते ही जहां इंसान बेहाल हैं, वहीं बेजुबान पक्षियों के लिए पानी का संकट खड़ा हो गया है। इसी मानवीय संवेदना को समझते हुए गोंडउमरी स्थित न्यू मॉडर्न इंग्लिश कॉन्व्हेंट और लावण्या पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने एक अत्यंत सराहनीय और प्रेरणादायी पहल की है।
छात्रों ने न केवल प्रकृति के प्रति अपना प्रेम दिखाया, बल्कि अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए पक्षियों के लिए दानापानी की व्यवस्था की। इस उपक्रम की खास बात यह रही कि छात्रों ने कबाड़ से जुगाड़ यानी वेस्ट मटेरियल का बेहतरीन उपयोग किया। उन्होंने घर में पड़ी बेकार प्लास्टिक की बोतलों और पुराने डिब्बों को काटकर उन्हें पक्षियों के पीने योग्य जल पात्रों में तब्दील कर दिया।
इन पात्रों को स्कूल परिसर और आसपास के पेड़ों पर सुरक्षित स्थानों पर बांधा गया है। नियमित पानी का प्रबंध करने का संकल्प छात्रों ने यह सुनिश्चित करने का संकल्प भी लिया है कि वे नियमित रूप से इन पात्रों में स्वच्छ पानी भरेंगे, ताकि चिलचिलाती धूप में पक्षियों को प्यासा न भटकना पड़े।
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विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य छात्रों में बचपन से ही पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करना और जीवजंतुओं के प्रति दया भाव विकसित करना है। छात्रों की ओर से की गई इस प्रत्यक्ष कार्यवाही ने वेस्ट टू बेस्ट के संदेश को भी प्रभावी ढंग से समाज के सामने रखा है।
नन्हे छात्रों की इस संवेदनशीलता की पूरे क्षेत्र में प्रशंसा हो रही है। छात्रों ने इस माध्यम से समाज को यह संदेश दिया है कि यदि हम अपनी व्यस्त जीवनशैली से थोड़ा समय निकालकर अपने घरों की छतों या बालकनी में पक्षियों के लिए पानी रखें, तो प्रकृति के इन सुंदर जीवों का अस्तित्व बना रहेगा।
स्कूल के इस कदम ने न केवल विद्यार्थियों को जागरूक किया है, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा का उदाहरण पेश किया है।
