गैस किल्लत का खौफ: सुबह 4 बजे से सिलेंडर के लिए महिलाओं की लंबी कतारें, प्रशासनिक दावे और जमीनी हकीकत में अंतर
घरेलू गैस की आपूर्ति सामान्य होने के बावजूद, महिलाएं सुबह से लंबी कतारों में खड़ी हैं। जानें इस समस्या के पीछे की सच्चाई।
Bhandara LPG Crisis News: दहशत गैस एजेंसी पर सिलेंडर के लिए सुबह 4 बजे से कतारें लग रही हैं। महिलाओं की चिंता बढ़ती जा रही है क्योंकि प्रशासनिक दावों के बावजूद जमीनी स्थिति अलग नजर आ रही है। खाड़ी क्षेत्र में युद्ध की आशंका और भविष्य में गैस की कमी के डर से उपभोक्ताओं में पैनिक बुकिंग बढ़ गई है।
गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही महिलाओं की लंबी कतारें लग रही हैं। केंद्र सरकार ने फिलहाल केवल व्यावसायिक सिलेंडर की आपूर्ति पर प्रतिबंध लगाया है, लेकिन अफवाहों के कारण लोग घरेलू गैस का अग्रिम स्टॉक करने की कोशिश कर रहे हैं।
हाल ही में घरेलू सिलेंडर के दाम 60 रुपये बढ़ने के बावजूद मांग कम नहीं हुई है। कई जगह घंटों इंतजार के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा, जिससे गृहिणियों के सामने रसोई चलाने की चिंता बढ़ गई है।
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सर्वर डाउन का बहाना आपूर्ति सुचारू होने की बात केवल कागजों पर है। हमें सुबह 4 बजे से कतार में खड़ा होना पड़ रहा है। गैस एजेंसी पर सर्वर डाउन होने का बहाना बनाकर हमारा मजाक उड़ाया जा रहा है और दिन भर धूप में खड़े रहने के बाद खाली हाथ लौटना पड़ता है।
गृहिणियों का कहना है कि लकड़ी या कोयला भी नहीं मिल रहा है। 60 रुपये की बढ़ोतरी चुपचाप सहन कर ली, फिर भी सिलेंडर के लिए भटकना पड़ रहा है। सरकार केवल आश्वासन न दे बल्कि वास्तविक रूप से सिलेंडर उपलब्ध कराए।
अधिकारी एसी केबिन में बैठकर रिपोर्ट देते हैं, उन्हें एक बार इन कतारों में आकर असलियत देखनी चाहिए। महिलाएं काम पर जाएं या गैस की कतार में खड़ी रहें, यह एक बड़ा संकट बन गया है।
