भंडारा में नकली खाद का बड़ा भंडाफोड़: शाहपुर के गोदाम पर छापा, 8 लाख रुपये से अधिक का अवैध उर्वरक जब्त
Bhandara Agriculture News: भंडारा के शाहपुर में कृषि विभाग ने छापा मारकर ₹8.05 लाख का नकली व बिना लाइसेंस का खाद जब्त किया है। जवाहरनगर पुलिस ने 3 आरोपियों पर केस दर्ज किया है।
- Written By: केतकी मोडक
खाद छापा प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मीडिया)
Bhandara Fake Fertilizer Raid: किसानों के साथ होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के उद्देश्य से भंडारा जिला कृषि विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग के उड़नदस्ते ने शाहपुर स्थित एक गोदाम पर अचानक छापा मारकर 8 लाख 5 हजार 880 रुपये मूल्य का नकली व बिना लाइसेंस का रासायनिक एवं तरल उर्वरक (खाद) का बड़ा स्टॉक जब्त किया है। इस मामले में जवाहरनगर पुलिस थाने में प्रमोटर सहित उर्वरक निर्माण एवं विपणन (मार्केटिंग) कंपनी के तीन आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
कृषि अधिकारी जयकृष्ण आकरे की लिखित शिकायत पर जवाहरनगर पुलिस ने एवमकुमार निजराम गायकवाड़ (प्रमोटर, मौदा, नागपुर), राकेश राधेश्याम गेलोत (मालिक, मेसर्स भारद्वाज फर्टिकेम प्रा. लि., पीथमपुर, धार, मध्य प्रदेश) और ले बेनिफीस प्रा. लि., इंदौर (मध्य प्रदेश) के कंपनी मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस संवेदनशील मामले की आगे की गहन जांच जवाहरनगर पुलिस थाने के पुलिस निरीक्षक पाटिल कर रहे हैं।
शाहपुर स्थित गोदाम पर मारा गया छापा
भंडारा जिला गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक अभिजीत पटवारी को सुबह शाहपुर क्षेत्र में अवैध रूप से उर्वरक का भंडारण किए जाने की पुख्ता गोपनीय सूचना मिली थी। इसके तुरंत बाद अभियान अधिकारी सुमित वासनिक, तहसील कृषि अधिकारी नामदेव काशीद तथा कृषि अधिकारी (गुणवत्ता नियंत्रण) जयकृष्ण आकरे के संयुक्त उड़नदस्ता दल ने शाहपुर स्थित सुरेश खोब्रागड़े के गोदाम पर छापा मारा। यह गोदाम मौदा (नागपुर) निवासी आरोपी एवमकुमार निजराम गायकवाड़ (27) ने किराये पर ले रखा था।
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बिना लाइसेंस के किसानों को उर्वरक बेचने की तैयारी
गोदाम की सघन जांच के दौरान ‘ले बेनिफीस प्रा. लि., इंदौर’ कंपनी के नाम से तैयार उर्वरक का भारी स्टॉक बरामद हुआ। कागजातों की पड़ताल में पता चला कि आरोपियों के पास महाराष्ट्र राज्य में उर्वरक के विपणन का कोई भी वैध लाइसेंस उपलब्ध नहीं था। इसके अलावा, उर्वरक की बोरियों पर अंकित लाइसेंस नंबर और प्रत्यक्ष प्रस्तुत दस्तावेजों में दर्ज लाइसेंस नंबर में भी भारी विसंगति (अंतर) पाई गई।
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि उक्त उर्वरक निर्धारित सरकारी मानकों के अनुरूप तैयार नहीं किया गया था तथा किसानों को बिना किसी अधिकृत (पक्के) बिल के सीधे बेचकर उनसे मोटी आर्थिक ठगी करने की पूरी तैयारी की जा रही थी।
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जब्त की गई सामग्रियां
कृषि विभाग द्वारा जब्त की गई कुल सामग्रियों में मुख्य रूप से निम्नलिखित स्टॉक शामिल है
- ले एग्री दिव्या पावर (ग्रेन्युलेटेड ऑर्गेनिक मैन्योर): 200 बैग
- ले एग्री दिव्या पावर (प्रीमियम क्वालिटी): 150 बैग
- ले एग्री प्लांट ग्रोथ प्रमोटर (तरल उर्वरक – ले एग्री पावर स्टिकर): 20 बोतलें
