पुणे: सीसीटीवी प्रोजेक्ट के लिए खोदी गईं 60% सड़कें अब तक जर्जर, मानसून में बढ़ा खतरा; PMC ने दिए सख्त निर्देश
Pune CCTV Project: पुणे में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए खोदी गई 60 फीसदी सड़कों की मरम्मत न होने से मानसून में खतरा बढ़ गया है। पीएमसी ने 8 दिनों के भीतर सड़कें ठीक करने के निर्देश दिए हैं।
- Written By: रूपम सिंह
सड़कें जर्जर (सोर्स-सोशल मीडिया)
Pune Municipal Corporation CCTV Project: पुणे शहर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से चल रही सीसीटीवी परियोजना अब नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। कैमरे लगाने के लिए खोदी गई करीब 60 प्रतिशत सड़कें अब तक दुरुस्त नहीं हो सकी हैं। मानसून शुरू होते ही इन सड़कों पर बने गड्डों में पानी भरने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
लगातार मिल रही शिकायतों और नागरिकों के बढ़ते आक्रोश के बाद पुणे महानगर पालिका (पीएमसी) की स्थायी समिति ने मामले का संज्ञान लेते हुए प्रशासन को आठ दिनों के भीतर सभी प्रभावित सड़कों की मरम्मत पूरी करने का निर्देश दिया है। लगाए जा रहे 2,250 कैमरे स्थायी समिति के अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले ने बताया कि शहर की सुरक्षा बढ़ाने के लिए करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से 2,250 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं।
जलभराव से वाहन चालकों के लिए बढ़ा खतरा
इस परियोजना के तहत लगभग 28 किलोमीटर लंबाई तक विभिन्न क्षेत्रों में सड़कें खोदी गईं। हालांकि खुदाई का कार्य पूरा होने के बाद भी कई स्थानों पर सड़कों की मरम्मत समय पर नहीं की गई, जिससे नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विमाननगर, कोथरूड, हडपसर और सिंहगढ़ रोड समेत कई प्रमुख इलाकों में सड़कें अब भी क्षतिग्रस्त हैं। बारिश के कारण गड्डों में जलभराव होने से वाहन चालकों, विशेषकर दोपहिया सवारों और पैदल चलने वालों के लिए खतरा बढ़ गया है। कई मार्गों पर यातायात भी प्रभावित हो रहा है और दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई है।
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हेल्पलाइन शुरू करने का निर्देश
समिति ने बारिश को देखते हुए सभी संवेदनशील और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में तत्काल पैचवर्क कराने के निर्देश दिए है। साथ ही बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड और रात में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए 24 घंटे सक्रिय हेल्पलाइन शुरू करने का भी निर्देश दिया गया है। बैठक में भविष्य में सड़क खुदाई से संबंधित नियमों को और सख्त बनाने का निर्णय भी लिया गया।
अब किसी भी विभाग या एजेंसी को सड़क खोदने की अनुमति देते समय पुनर्स्थापना की निश्चित समयसीमा तय की जाएगी। तय अवधि में सड़क ठीक नहीं करने पर संबंधित एजेंसी पर आर्थिक दंड लगाया जाएगा। साथ ही पुणे मनपा, पुलिस और अन्य विभागों के बीच संयुक्त निगरानी व्यवस्था विकसित करने की योजना भी बनाई गई है।
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फेरीवाला लाइसेंस शुल्क बढ़ाने प्रस्ताव
बैठक में अधिकृत फेरीवालों के लाइसेंस उनके वैध वारिसों के नाम हस्तांतरित करने संबंधी संशोधित प्रस्ताव को भी मंजूरी देकर अंतिम स्वीकृति के लिए महासभा भेजा गया। प्रस्ताव के अनुसार हस्तांतरण शुल्क 700 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये करने की सिफारिश की गई है, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाई जा सके।
स्थायी समिति में हंगामा, मांगी गई रिपोर्ट
बैठक में सदस्यों ने पुणे परियोजना के क्रियान्वयन पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसमें परियोजना के तहत खोदी गई सभी सड़कों का विवरण, अब तक हुए मरम्मत कार्य, शेष कार्य की समयसीमा तथा देरी के कारणों की जानकारी देने को कहा गया है। समिति ने यह भी स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं कि लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ अनुबंध के अनुसार अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
