भंडारा में कृषि दिवस पर प्रगतिशील किसानों का सम्मान, आधुनिक खेती पर दिया गया मार्गदर्शन

Bhandara Agriculture Day: भंडारा में स्व. वसंतराव नाईक जयंती पर कृषि दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम में प्रगतिशील किसानों का सम्मान किया गया।
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Progressive Farmers (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Agriculture Department Bhandara: स्व.वसंतराव नाईक की जयंती के अवसर पर जिला परिषद के सभागार में कृषि दिन उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस कार्यक्रम के दौरान किसानों को आधुनिक खेती, कम बारिश में फसल नियोजन और नवीनतम कृषि तकनीक की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

साथ ही कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगतिशील किसानों का गौरव भी किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला परिषद के उपाध्यक्ष तथा कृषि व पशुपालन समिति के सभापति एकनाथ फेंडर ने की। उद्घाटन वित्त व स्वास्थ्य समिति के सभापति आनंद मलेवार ने किया।

खरीफ फसल प्रतियोगिता के विजेता किसानों का सम्मान

इस अवसर पर निर्माण व शिक्षा समिति के सभापति नरेश ईश्वरकर, कृषि समिति सदस्य पूजा हजारे, जिला परिषद सदस्य लता नुरले, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी विवेक बोंद्रे, उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी एम. एस. चव्हान, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी संगीता माने, परियोजना निदेशक आत्मा उर्मिला चिखले, स्मार्ट के नोडल अधिकारी सचिन खैरनार और जिला उपायुक्त पशुपालन डॉ। वी। ए। गाडगे प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

कृषि विशेषज्ञों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव

कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों ने स्व।वसंतराव नाईक की प्रतिमा पर पुष्पहार अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इसके बाद जिला स्तरीय खरीफ फसल प्रतियोगिता के पुरस्कार विजेता किसानों एकनाथ शेंडे, शास्त्री गोमासे, देवराम फंदे, शिवलाल कोरचे, प्रकाश मडावी और अनुरूप उईके को सम्मानित किया गया।

कम बारिश में अधिक उत्पादन पर जोर

प्रस्तावना रखते हुए कृषि विकास अधिकारी वी. यू.सोनवाने ने कृषि विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और कृषि दिन के महत्व पर प्रकाश डाला। योजनाबद्ध तरीके से खेती कर उत्पादन बढ़ाएं मानेजिला अधीक्षक कृषि अधिकारी संगीता माने ने मार्गदर्शन करते हुए कहा कि कम बारिश की स्थिति में भी योजनाबद्ध तरीके से खेती कर उत्पादन बढ़ाना संभव है।

भंडारा कृषि दिवस कार्यक्रम में किसानों को मिला मार्गदर्शन

साकोली कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ धान प्रजनक डॉ. मिलिंद पी. मेश्राम ने कम पानी में आने वाली धान की विभिन्न किस्मों की तकनीकी जानकारी दी, जबकि वरिष्ठ वैज्ञानिक उषा डोंगरवार ने किसानों से बीज की अंकुरण क्षमता की जांच करने के बाद ही बुआई करने का आह्वान किया।

प्रगतिशील किसान देवराम फंदे ने धान की फसल का उत्पादन बढ़ाने को लेकर अपने व्यावहारिक अनुभव साझा किए।कार्यक्रम का संचालन सुश्री एस. आर. शेलार और आभार प्रदर्शन एस. एस. लांजेवार ने किया।

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