तुमसर में ईडी की छापेमारी (सौजन्य-नवभारत)
Sand Mafia Bhandara: भंडारा जिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पहली बार बड़ी कार्रवाई करते हुए तुमसर तहसील के लोभी स्थित रेत व्यवसायी अजय गहाने के निवास और कार्यालय पर शुक्रवार को एक साथ छापा मारा। पांच सदस्यीय इस टीम ने सुबह गहाने परिवार के सोकर उठने से पहले ही अपनी कार्रवाई शुरू कर दी। लगभग 12 घंटे तक चली इस मैराथन पूछताछ के दौरान टीम ने व्यावसायिक दस्तावेजों की गहनता से जांच की।
इस तलाशी अभियान में फाइनेंस किए गए चौपहिया वाहन, जेसीबी, पोकलैंड, ट्रैक्टर के लाइसेंस, कृषि भूमि के खरीद दस्तावेज और ट्रांसपोर्टरों के रिकॉर्ड वाले रजिस्टर टीम के हाथ लगे हैं। जांच दल ने अजय गहाने के मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए हैं और सभी सबूतों का ऑनलाइन पंचनामा कर उन्हें पूछताछ का नोटिस जारी किया है।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, इस कार्रवाई का मुख्य संबंध 2020-21 में मध्य प्रदेश में हुए एक बड़े राजस्व घोटाले से है। उस समय एक विशेष गिरोह ने तकनीकी कौशल का उपयोग कर रॉयल्टी जनरेट करने वाला एक फर्जी सॉफ्टवेयर विकसित किया था।
इस सॉफ्टवेयर के जरिए सरकार को लगभग 25 से 30 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का चूना लगाया गया था। इस आर्थिक अपराध की जांच की कड़ियां तुमसर तक पहुंचने के कारण यह ईडी छापेमारी की गई। हालांकि, प्रारंभिक जांच में इस फर्जी टीपी मामले से सीधे संबंध जोड़ने वाला कोई ठोस सबूत टीम के हाथ नहीं लगा है।
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इस तलाशी अभियान में दिल्ली, मुंबई और नागपुर के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। टीम में एक महिला अधिकारी के साथ नागपुर के एक बैंक के सहायक प्रबंधक भी मौजूद थे। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, गहाने के घर से 5 लाख रुपये की नकदी बरामद की गई है। दिन भर चली इस कार्रवाई में गहाने ने जांच एजेंसी का पूरा सहयोग किया।
हालांकि, ईडी की ओर से कोई गिरफ्तारी न किए जाने और उम्मीद के मुताबिक बड़ी संपत्ति हाथ न लगने के कारण इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। जांच की व्यापकता को देखते हुए, जब्त किए गए दस्तावेजों के आधार पर आगे की पूछताछ की दिशा तय की जाएगी।