Bhandara Unseasonal Rain News: भंडारा जिले में इस वर्ष मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ा हुआ नजर आ रहा है। मार्च के अंतिम दिनों और अप्रैल की शुरुआत में जहां तेज गर्मी पड़नी चाहिए, वहीं इस बार एक ओर चिलचिलाती धूप तो दूसरी ओर अचानक घने बादल, तेज हवाएं और बेमौसम बारिश का सिलसिला जारी है। इस असामान्य मौसम ने जनजीवन को अस्तव्यस्त कर दिया है। इसका सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है, वहीं आम नागरिकों का स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है।
मार्चअप्रैल का समय रबी फसलों की कटाई का होता है। भंडारा जिले (Bhandara)में इन दिनों चना, मक्का और गेहूं की फसल तैयार है। कई किसानों ने फसल काटकर खेतों में रखी हुई है, लेकिन अचानक हो रही बारिश और आंधी से भारी नुकसान हो रहा है। गेहूं के दाने खराब होने का खतरा बढ़ गया है, वहीं चने की फसल में पानी भरने से उत्पादन घटने की आशंका है।
तेज हवाओं के कारण मक्का की खड़ी फसल गिर रही है, जिससे उसकी गुणवत्ता और बाजार भाव प्रभावित होगा। इसके अलावा आम के बागों में भी बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है और समय से पहले फल गिरने लगे हैं। किसानों ने कर्ज लेकर उगाई फसल को इस तरह बर्बाद होते देख प्रशासन से नुकसान का सर्वे कर राहत देने की मांग की है।
मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखाई दे रहा है। दिन में तेज गर्मी और रात में ठंडक या बारिश जैसे हालात के कारण वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। घरघर में सर्दी, खांसी, बुखार और बदन दर्द के मरीज मिल रहे हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा परेशानी हो रही है।
बादलों के कारण वातावरण में नमी बढ़ गई है, जिससे उमस और गर्मी और भी ज्यादा महसूस हो रही है। लोगों को अत्यधिक पसीना आ रहा है और डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ रही है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी व निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है।
गर्मी का मौसम छोटे व्यापारियों के लिए कमाई का समय होता है, लेकिन इस बार मौसम की मार उन पर भी पड़ी है। आमतौर पर इस मौसम में गन्ने का रस, नींबू पानी और आइसक्रीम की बिक्री बढ़ती है, लेकिन बारिश और बादलों के कारण इन व्यवसायों पर भी असर पड़ा है। मौसम की इस अनिश्चितता ने किसानों, आम जनता और छोटे व्यापारियों सभी को मुश्किल में डाल दिया है।