Bhandara Ram Navami News: प्रभु श्रीराम के वनवास प्रसंग के मंचन के साथ ही सभागार में बैठे दर्शकों की आंखें नम हो गईं और श्रद्धा से उनके हाथ स्वतः जुड़ गए। असर फाउंडेशन के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत श्रीराम के जीवन पर आधारित नाट्य प्रस्तुति ने दर्शकों को मानो सजीव रामायण का अनुभव करा दिया।
कार्यक्रम के दौरान खचाखच भरे सभागार में दर्शक अंत तक अपनी जगहों पर डटे रहे, जो प्रस्तुति की सफलता का प्रमाण रहा।
श्रीराम शोभायात्रा समिति, भंडारा द्वारा गुड़ी पड़वा से रामनवमी तक विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करते हुए असर फाउंडेशन ने श्रीराम के जीवन चरित्र पर आधारित नाटिका प्रस्तुत की।
प्रस्तुति में श्रीराम जन्म, सीता स्वयंवर, राजा दशरथ का वचन पालन, वनवास, सीता हरण, हनुमान-सीता मिलन और राम-रावण युद्ध जैसे प्रमुख प्रसंगों का सशक्त मंचन किया गया। विशेष रूप से सुवर्ण मृग और रावण के पात्रों ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी।
नाट्य प्रस्तुति के दौरान कभी दर्शकों की आंखें नम हुईं, तो कभी ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से सभागार गूंज उठा। वनवास के दृश्य में जहां श्रद्धा का भाव दिखाई दिया, वहीं रावण वध के बाद उत्साह का वातावरण बन गया। लगभग दो घंटे तक चली इस प्रस्तुति ने दर्शकों को पूरी तरह मंत्रमुग्ध रखा।
इस प्रस्तुति में वैभव कोलते, दीपक तिघरे, विक्रम फडके, अथर्व फडके, हर्षल कुंभारे, अक्षय निमजे, अमर चकोले, अंकित बत्रा, आशिष बैस, मिलिंद मलेवार, शौर्य तिघरे, पवन सेलोकर, वैदेही हाडगे, प्रियंका कोलते, दामिनी सेलोकर, तनुश्री माहुरकर, स्नेहा तिडके, प्राची बागड़े, प्राची देशपांडे और शैलती कोलते सहित कई कलाकारों ने प्रभावी अभिनय किया।
कार्यक्रम के अंत में श्रीराम शोभायात्रा समिति के पदाधिकारियों द्वारा कलाकारों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।