(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Mira Bhayandar Parking Scam: ठाणे जिले के भाईंदर पश्चिम रेलवे स्टेशन के सामने स्थित नमक विभाग की जमीन पर अवैध पार्किंग संचालित होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। खुश खंडेलवाल ने इस पूरे प्रकरण में मीरा-भाईंदर मनपा की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाते हुए भ्रष्टाचार और नियमों की अनदेखी के आरोप लगाए हैं। खंडेलवाल के अनुसार, पुराने सर्वे नंबर 753-ए (नया सर्वे नंबर 340) की यह जमीन केंद्र सरकार के नमक विभाग के अधीन है, जिस पर स्वामित्व को लेकर नमक विभाग और शाह परिवार के बीच विवाद अदालत में लंबित है। इसके बावजूद इस विवादित भूमि पर मनपा की अनुमति से पे एंड पार्किंग शुरू कर दी गई।
बताया गया है कि शाह परिवार ने जमीन के रखरखाव के लिए 1 जनवरी 2021 को साक्षी एंटरप्राइजेज के मालिक सुरेंद्र शुक्ला के साथ एक अपंजीकृत सेवा समझौता किया था। इसी आधार पर शुक्ला ने मनपा से पेड पार्किंग की अनुमति प्राप्त की। मनपा ने इस सेवा समझौते को पट्टा मानते हुए महाराष्ट्र मनपा अधिनियम की धारा 386 के तहत 27 सितंबर 2024 को 12 महीने का लाइसेंस जारी कर दिया।
चौंकाने वाली बात यह है कि 27 सितंबर 2025 को लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के बावजूद सहायक आयुक्त स्वप्निल सावंत द्वारा इसे अगले 12 महीनों के लिए नवीनीकृत कर दिया गया, खंडेलवाल का आरोप है कि जब जमीन का स्वामित्व ही विवादित है और मामला न्यायालय में लंबित है, तब किसी भी प्रकार का लाइसेंस देना या तीसरे पक्ष को अधिकार देना पूरी तरह से अवैध है। इसके बावजूद प्रतिदिन हजारों लोग वहां अपने दोपहिया वाहन पार्क कर प्रति वाहन 20 रुपये शुल्क अदा कर रहे हैं।
खंडेलवाल ने यह भी खुलासा किया कि पार्किंग की रसीदों पर साक्षी एंटरप्राइजेज या शुक्ला के बजाय शाह का नाम दर्ज होता है, जिससे पूरे मामले में गड़बड़ी और संदिग्ध लेन-देन की आशंका और बढ़ जाती है। उन्होंने कोकण संभागीय आयुक्त, मनपा आयुक्त और ढाणे भ्रष्टावार विरोधी विभाग को शिकायत भेजकर मांग की है कि इस अवैध पार्किंग को तत्काल बंद कर, लाइसेंस रद्द किया जाए और इसमें शामिल सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जारी कर दिया।
यह मामला न केवल प्रशासनिक लापरवाही बल्कि संभावित भ्रष्टाचार की ओर भी इशारा करता है, जिससे शहर की व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ यहां पार्किंग करने वाले वाहन धारकों को यह डर भी सता रहा है कि इस स्थान पर अगर पार्किंग के लिए मनाही कर दी गई तो वे अपने वाहन कहां खड़ी करेंगे, क्योंकि इस परिसर में मनपा द्वारा कोई भी पार्किंग सुविधा मुहैया नहीं कराई गई है। रेलवे स्टेशन से दूर दराज रहने वाले लोग यहीं अपने वाहनों को पार्क कर मुंबई या अन्य स्थलों पर नौकरी व्यवसाय के लिए जाते हैं। यहां पार्किंग की सुविधा बंद होने पर सैकड़ों वाहन धारकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।