भंडारा में 30 हजार किसान मुआवजे की प्रतीक्षा में, 15 करोड़ मंजूर होने के बावजूद भुगतान अटका
Bhandara Farmers Compensation: भंडारा जिले की पवनी तहसील में अतिवृष्टि से प्रभावित 31 हजार से अधिक किसानों के लिए मंजूर 15 करोड़ रुपये की राहत राशि का भुगतान प्रशासनिक देरी के कारण अटका हुआ है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Pawni tehsil farmers (सोर्सः सोशल मीडिया)
Bhandara Agriculture News: प्राकृतिक आपदा से पहले ही परेशान भंडारा जिले के पवनी तहसील के किसानों को अब प्रशासनिक देरी का सामना करना पड़ रहा है। अतिवृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के लिए सरकार ने 15 करोड़ 41 लाख 68 हजार 290 रुपये की सहायता राशि मंजूर की थी, लेकिन यह रकम अब तक अधिकांश किसानों के बैंक खातों तक नहीं पहुंच सकी है।
तहसील के 31,290 किसानों को इस योजना का लाभ मिलना था, लेकिन अब तक केवल 870 किसानों के खातों में ही राशि जमा हो पाई है। इससे 30 हजार से अधिक किसान अभी भी मुआवजे की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
प्राकृतिक आपदा के बाद अब प्रशासनिक देरी
पिछले सीजन में भंडारा जिला की पवनी तहसील में हुई अतिवृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ था। प्रशासन ने त्वरित पंचनामा कर 31,290 किसानों के नुकसान की रिपोर्ट सरकार को भेजी थी। सरकार ने रिपोर्ट के आधार पर सहायता राशि मंजूर भी कर दी, लेकिन यह रकम तहसील कार्यालय की प्रक्रिया में अटक जाने से किसानों में नाराजगी बढ़ रही है। खरीफ सीजन नजदीक आने और खेती की तैयारी के लिए पैसों की आवश्यकता होने के बावजूद सहायता राशि का भुगतान नहीं होने से किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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तहसीलदार ने आठ दिन में भुगतान का दिया आश्वासन
इस संबंध में तहसील प्रशासन से पूछे जाने पर तहसीलदार ने तकनीकी कारणों और कर्मचारियों की कमी के चलते भुगतान में देरी होने की बात स्वीकार की। उन्होंने आश्वासन दिया कि आने वाले आठ दिनों के भीतर सभी शेष किसानों के बैंक खातों में सीधे सहायता राशि जमा कर दी जाएगी। इसके लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की मदद से काम युद्धस्तर पर किया जाएगा।
किसानों का कहना है कि सरकार घोषणाएं तो करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर मदद समय पर नहीं पहुंचती। उनका सवाल है कि जब सहायता राशि मंजूर हो चुकी है तो वह खातों में कब जमा होगी। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो पवनी तहसील के किसान आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।
केवल 2.7 प्रतिशत किसानों को ही मिली मदद
आंकड़ों के अनुसार, मंजूर हुई 15 करोड़ से अधिक राशि में से अब तक केवल 870 किसानों को ही भुगतान किया गया है। यानी 97.3 प्रतिशत से अधिक किसान अभी भी अपने हक की सहायता राशि से वंचित हैं। मार्च महीने में किसानों को पुराने फसल ऋण चुकाने होते हैं, ताकि नया ऋण मिल सके। लेकिन सहायता राशि न मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति और कठिन हो गई है।
