Bhandara News Hindi: गर्मी का मौसम आते ही बाजारों में कूलरों की बिक्री और मरम्मत का काम शुरू हो गया है। मार्च के पहले सप्ताह से ही तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने लगी है। इस समय, दुकानों में कूलर सजने लगे हैं और नागरिक अपने पुराने कूलरों को बाहर निकालकर उनकी मरम्मत करवाने की तैयारी कर रहे हैं। गर्मियों में ठंडी हवा के लिए कूलर का उपयोग किया जाता है, लेकिन यह एक बिजली से चलने वाला उपकरण है और इसमें पानी का इस्तेमाल भी होता है। यदि सावधानी नहीं बरती जाए, तो करंट लगने का खतरा बना रहता है। इसलिए, कई लोग हर साल कूलर चालू करने से पहले उसकी मरम्मत और जांच करवाते हैं।
हालांकि, सुबह और रात के समय हल्की ठंड महसूस हो रही है, लेकिन दिन में गर्मी बढ़ने लगी है। इससे लोगों को पसीना आने लगा है, और इसी कारण घरों में रखे इनडोर कूलर बाहर निकाले जा रहे हैं। उनकी सफाई, मरम्मत और घास बदलने का काम शुरू हो गया है।
कूलर में पानी के कारण करंट लगने की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए कूलर की सही अर्थिंग करना बेहद जरूरी है। हर साल कूलर से करंट लगने की घटनाएं सामने आती हैं, इसलिए उपयोग करते समय विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। कूलर चालू करने से पहले मोटर और वायरिंग की जांच करना जरूरी है। यदि कूलर लंबे समय तक बंद पड़ा रहा हो या अव्यवस्थित जगह पर रखा हो, तो चूहों द्वारा उसकी वायरिंग कुतरने की संभावना रहती है। इसलिए, कूलर चालू करने से पहले मोटर, वायरिंग और अन्य हिस्सों की अच्छी तरह जांच कर लेना आवश्यक है।
गर्मी बढ़ने से कूलर की मरम्मत का काम भी तेज हो गया है। इसमें मोटर, जाली, घास और ऊपरी हिस्से को बदलना शामिल होता है। इन सभी वस्तुओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है।