नवजात बिक्री कांड में डॉक्टर की जमानत खारिज (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Infant Trafficking Racket Maharashtra: भंडारा जिले में इलाज के नाम पर नवजात शिशु की बिक्री के सनसनीखेज मामले में मुख्य आरोपी डॉ. नितेश बाजपेयी की अग्रिम जमानत याचिका जिला एवं सत्र न्यायालय ने आज खारिज कर दी। हालांकि आत्महत्या के प्रयास में घायल होने के कारण उनका उपचार जारी है, लेकिन पुलिस सूत्रों के अनुसार उनकी गिरफ्तारी अब तय मानी जा रही है।
वहीं इसी प्रकरण में आरोपी सागर शिक्का की पुलिस रिमांड अदालत ने 21 फरवरी तक बढ़ा दी है। जांच में सामने आया है कि एक दंपति की आर्थिक मजबूरी का फायदा उठाकर उनके शिशु को तीन लाख रुपये में बेचने का सौदा किया गया था।
इस पूरे प्रकरण का मुख्य सूत्रधार गोंदिया निवासी डॉ. नितेश बाजपेयी को माना जा रहा है। उनके खिलाफ वरठी पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में अब तक एक महिला को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि बाजपेयी ने एक अन्य शिशु की भी बिक्री की थी।
इसी कड़ी में पुलिस ने उससे जुड़े सागर शिक्का को कुछ दिन पहले गिरफ्तार किया था। सागर शिक्का की पुलिस रिमांड अवधि समाप्त होने पर उसे आज न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस की मांग पर अदालत ने उसकी रिमांड 21 फरवरी तक बढ़ा दी, ताकि आगे की जांच की जा सके।
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इसी बीच डॉ. बाजपेयी ने चार दिन पहले आत्महत्या का प्रयास करते हुए अपने पेट पर ब्लेड से वार कर लिया था। फिलहाल उनका उपचार भंडारा के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। जांच अधिकारी एवं उपविभागीय पुलिस अधिकारी शिवम विसापूरे ने बताया कि मेडिकल अधिकारियों से फिटनेस प्रमाणपत्र मिलते ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि दिसंबर में बेचे गए शिशु तक पुलिस पहुंच चुकी है और जल्द ही उसे अपने संरक्षण में लिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने खुद को चोट पहुंचाने से पहले संभवतः बेहोशी का इंजेक्शन लिया था। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।