गोंदिया में बालिका बिक्री मामले में सागर सिक्का गिरफ्तार; डॉक्टर नितेश बाजपेयी सहित 4 अब भी फरार!

Gondia Baby Selling Racket: गोंदिया बालिका बिक्री प्रकरण में सागर सिक्का गिरफ्तार, डॉक्टर बाजपेयी की तलाश। इलाज के नाम पर नवजात को बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश।
Gondia police arrest Sagar Sikka in the newborn baby selling racket involving Dr. Nitesh Bajpayee.
बालिका तस्करी में घिरा अस्पताल (सौजन्य-नवभारत)
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Child Trafficking Gondia Police: गोंदिया जिले में बालिका की अवैध बिक्री के गंभीर मामले में पुलिस ने एक और अहम सफलता हासिल की है। पुलिस ने शनिवार को गोंदिया निवासी सागर सिक्का को गिरफ्तार कर लिया है। उससे गहन पूछताछ की जा रही है। यह मामला इलाज के बहाने एक नवजात बालिका की बिक्री से जुड़ा हुआ है, जिसने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है। बताया जाता है कि दिसंबर में बेची गई बालिका के प्रकरण में सागर सिक्का की भूमिका रही है।

यह प्रकरण आरोपी डॉक्टर नितेश बाजपेयी से जुड़ा है, जो लंबे समय से विवादों में घिरा रहा है। आरोप है कि उसने प्रशासनिक कार्रवाई से बचने के लिए तत्कालीन जिला शल्य चिकित्सक के खिलाफ मोर्चा खोला और राजनीतिक दबाव बनाकर उनका तबादला भी करवाया। बताया जाता है कि अपने अवैध धंधों को चलाने के लिए उसने राजनीति में भी प्रवेश किया।

क्या है पूरा मामला?

मामले की जड़ अक्टूबर 2025 की है, जब तिरोड़ा तहसील के सेजगांव (टोला) की एक गर्भवती महिला प्रसव पीड़ा के साथ गोंदिया के गंगाबाई महिला अस्पताल पहुंची। सात माह के गर्भ के दौरान उसे सोनोग्राफी के लिए आरोपी डॉक्टर के निजी अस्पताल न्यू बालाजी में ले जाया गया। हालत बिगड़ने पर सिजेरियन किया गया और 16 अक्टूबर 2025 को अपूर्ण विकसित बालिका का जन्म हुआ।

गंगाबाई महिला अस्पताल में एक माह पांच दिन तक इलाज के बावजूद बालिका की हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद 22 नवंबर 2025 को उसे डॉक्टर बाजपेयी के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां करीब साढ़े तीन माह तक इलाज चला। इसी दौरान बालिका की बिक्री की साजिश रची गई, जो बाद में उजागर हो गई।

पुलिस के अनुसार इस प्रकरण में डॉक्टर नितेश बाजपेयी, पूर्णिमा धुर्वे, उमेश गहलोत तथा बालिका को खरीदने वाली भंडारा निवासी महिला मालती वाघमारे फरार हैं। वहीं शनिवार को पुलिस ने सागर सिक्का को गिरफ्तार किया है, जिसे जांच में अहम कड़ी माना जा रहा है।

दिसंबर में भी बालिका बेचने का खुलासा

जांच के दौरान गोंदिया पुलिस को पता चला है कि आरोपी डॉक्टर इससे पहले भी दिसंबर माह में एक बालिका को बेच चुका है। डॉक्टर की कर्मचारी लालेश्वरी सादेपाच से पूछताछ जारी है। यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी डॉक्टर कब से इन घटनाओं को अंजाम दे रहा था।

पीड़ित माता-पिता को बेटी चाहिए

बालिका के माता-पिता बेहद गरीब हैं। उन्हें यह तक पता नहीं था कि इलाज के नाम पर उनकी बेटी को बेच दिया गया है। वे यही समझ रहे थे कि इलाज के बाद उनकी बेटी घर लौटेगी। अब माता-पिता अपनी बेटी को वापस दिलाने की मांग कर रहे हैं।

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